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Covid XE Variant Symptoms: कितना खतरनाक है कोरोना का XE वेरिएंट? जानें क्या हैं इसके लक्षण?

Janjwar Desk
9 April 2022 5:41 AM GMT
Covid XE Variant Symptoms: कितना खतरनाक है कोरोना का XE वेरिएंट? जानें क्या हैं इसके लक्षण?
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Covid XE Variant Symptoms: कितना खतरनाक है कोरोना का XE वेरिएंट? जानें क्या हैं इसके लक्षण?

Covid XE Variant Symptoms: कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद भारत में बेहद कम हो गई है. देश में कई गतिविधियां प्री कोविड लेवल पर पहुंचने लगी हैं. इस बीच पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के XE वेरिएंट ने एक नई टेंशन बढ़ा दी है.

Covid XE Variant Symptoms: कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद भारत में बेहद कम हो गई है. देश में कई गतिविधियां प्री कोविड लेवल पर पहुंचने लगी हैं. इस बीच पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के XE वेरिएंट ने एक नई टेंशन बढ़ा दी है. यूरोप, एशिया के कुछ देशों में कोरोना वायरस महामारी के चलते अभी भी हालात बेहद खराब चल रहे हैं. चीन, साउथ कोरिया में ओमीक्रोन के नए वेरिएंट से हाहाकार मचा हुआ है. ऐसे में कोरोना वायरस के XE वेरिएंट कितना खतरनाक है, यह जानना बेहद जरूरी हो गया है.

क्या है XE वेरिएंट, कितना है खतरनाक?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, नया एक्सई वेरिएंट पहली बार 19 जनवरी को यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) में पाया गया था और तब से सैकड़ों रिपोर्ट और पुष्टि की जा चुकी है. यह दो अन्य ओमिक्रॉन वेरिएंट बीए.1 और बीए.2 का एक म्यूटेंट हाइब्रिड है और वैश्विक स्तर पर फैल रहे मामलों के लिए जिम्मेदार है. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि नया म्यूटेंट ओमिक्रॉन का बीए.2 सब-वेरिएंट की तुलना में लगभग 10 फीसदी ज्यादा ट्रांसमिसिबल (तेजी से फैलने वाला) है, जो किसी भी स्ट्रेन से ज्यादा संक्रमणीय हो सकता है. नए घटनाक्रम ने स्वास्थ्य हलकों में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि महाराष्ट्र ठीक होने की राह पर है और चल रही तीसरी लहर के अंतिम चरण में है जो दिसंबर 2021 में शुरू हुई थी. हालांकि दुनिया भर में एक्सई के फिलहाल कम ही मामले देखने को मिले हैं, लेकिन इसकी अत्यधिक उच्च संचरण क्षमता का मतलब यह हो सकता है कि यह निकट भविष्य में सबसे प्रभावशाली स्ट्रेन बन जाता है.

क्या हैं XE वेरिएंट के लक्षण?

यूके की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, एक्सई में नाक बहने, छींकने और गले में खराश जैसे लक्षण होते हैं, जो वायरस के मूल स्ट्रेन के विपरीत होते हैं, क्योंकि मूल स्ट्रेन में आमतौर पर रोगी को बुखार और खांसी की शिकायत रहती है और साथ ही उसे किसी चीज का स्वाद नहीं आता और कोई गंध भी नहीं आती है. 22 मार्च तक इंग्लैंड में एक्सई के 637 मामलों का पता चला था.

भारत में पहला केस आ चुका है. 50 वर्षीय एक महिला में यह केस मिला है. महिला को कोई बीमारी नहीं है और न ही उसमें कोई लक्षण दिखा. वह 10 फरवरी को सउदी अरब से लौटी थीं. फिलहाल एक्सई के केस ब्रिटेन, थाईलैंड, न्यूजीलैंड में मिले हैं.

कितना तेजी से यह फैलता है?

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना वायरस के जितने भी वेरिएंट आए हैं, उनमें यह वेरिएंट बहुत तेजी से लोगों को संक्रमित करता है. शुरुआती आंकड़ों के आधार पर पाया गया कि बीए 2 के मुकाबले यह वेरिएंट सामुदायिक स्तर पर 10 गुना तेजी से फैलता है.

क्या हैं लक्षण?

इसमें भी वही लक्षण हैं. जैसे कि-बुखार, गले में खराश, गले में किचकिच, कफ, सर्दी, स्किन में जलन और रंग का बदलना, पेट का प्रोब्लम आदि. स्किन वाले लक्षण नए हैं.

कितना खतरनाक है यह XE?

हालांकि इसके साथ अच्छी बात यह है कि यह ज्यादा खतरनाक नहीं है. क्योंकि ओमिक्रॉन प्रकार के जितने भी वेरिएंट हैं, वे ज्यादा खतरनाक नहीं होते. हालांकि यह अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए इसकी गंभीरता को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता.

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