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Amit Shah का आजमगढ़ वाला अनोखा ज्ञान हुआ वायरल, कहा राम ने रावण के पास लक्ष्मण को नहीं बल्कि भरत को भेजा था गूढ़ रहस्य लेने

Janjwar Desk
13 Nov 2021 4:15 PM GMT
azamgarh news
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(आजमगढ़ में अमित शाह ने दिया अनोखा ज्ञान)

भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेताओं की या तो आदत है अथवा उन्हें इतिहास और पुराणों का ज्ञान ही नहीं है। यह लोग अक्सर हर एक विषयवस्तु को तोड़-मरोड़कर पेश करने के महारथी हैं...

Azamgarh News : केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक एतिहासिक ज्ञान दिया है। उन्होने कहा की मृत्यूशैया पर पड़े रावण से भगवान राम ने भरत को जाकर ज्ञान लेने की बात कही थी। लेकिन किसी छोटी कक्षा के स्टूडेंट तक से आपको पूछने पर वह बता देगा की रावण से आखिरी समय श्रीराम ने ज्ञान लेने के लिए भरत को कहा था की लक्ष्मण को।

भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेताओं की या तो आदत है अथवा उन्हें इतिहास और पुराणों का ज्ञान ही नहीं है। यह लोग अक्सर हर एक विषयवस्तु को तोड़-मरोड़कर पेश करने के महारथी हैं। स्वयं नरेंद्र मोदी से लगाकर योगी आदित्यनाथ और तमाम भाजपाई अपने जरूरत से ज्यादा ज्ञान को समय-समय पर बाहर निकाल ही देते हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री ने क्या कहा?

आज उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ पहुँचे केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अमित शाह ने अपने दिए बयान के दौरान कहा की राम-रावण युद्ध समाप्ति के बाद जब रावण मृत्युशैया पर पड़ा था तो भगवान श्रीराम ने छोटे भाई भरत से कहा की वह जाकर रावण से यह ज्ञान प्राप्त करें कि उसने सोने की लंका कैसे बनाई और वह विश्वविजेता कैसे बना?

इस दौरान अमित शाह को यह जरा भी ध्यान नहीं रहा की रामायण के आखिरी छोर पर भरत नहीं बल्कि कोई और था। केंद्रीय गृहमंत्री इससे पहले भी इस तरह के बयानों पर ट्रोल हो चुके हैं। इससे पहले उन्होने बुंदेलखंड में खनन रूकने की एवज में वहां के प्रत्येक बाशिंदे के पास एक खुद की कार होने की बात कह डाली थी, जो आज भी बुंदेलखंड के निवासियों के लिए महज पहेली से अधिक कुछ नहीं है।

क्या है अमित शाह के बयान का सच?

पूर्व भाजपा अध्यक्ष व अब केंद्रीय गृह मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे अमित शाह ने शायद इतिहास पढ़ा होता तो यह नौबत नहीं आती। क्योंकि श्रीराम ने भरत से नहीं बल्कि लक्ष्मण से रावण के पास जाकर गुरूदक्षिणा लेने की बात कही थी। उन्होने कहा था की रावण विद्वान है। उसके पास स्वयं जाकर ज्ञान प्राप्त करने की जरूरत है। तब लक्ष्मण राम के कहने पर रावण के पास गये थे।

शाह की रैली में भीड़ जुटाने के लिए डीएम का फरमान

आज आजमगढ़ में राज्य विवि का शिलान्यास आज शनिवार 13 नवंबर को अमित शाह के हाथों होना था। यहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। आजमगढ़ के डीएम राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखा था कि कार्यक्रम में आजगमढ़ के अलावा अन्य जिलों से भी परिवहन के लिए बसों की व्यवस्था की जानी थी।

रैली के लिए यहां भीड़ को जुटाने के लिए तकरीबन 40 लाख रुपये व्यय होने की संभावना आंकी गई थी। यह रकम संभागीय परिवहन अधिकारी, आजमगढ़ को हर हाल में उपलब्ध कराया जाना था। इस पत्र की प्रति प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी को भी भेजी गई। आपको बता दें कि, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 16 नवंबर को होने जा रही सुल्तानपुर रैली के लिए भीड़ जुटाने के लिए वहां के डीएम 2 हजार बसों के प्रबंध जैसा आदेश जारी किया जा चुका है।

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