बिहार : कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य मंत्री के आवास का किया घेराव

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जनज्वार ब्यूरो, पटना। कोरोना काल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत बिहार के फार्मासिस्ट हड़ताल पर चले गए हैं। 6 अगस्त को इन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के आवास का घेराव कर दिया । इनकी मांग है कि फार्मासिस्टों के मानदेय में वृद्धि की जाय।
गुरुवार, 6 अगस्त को इन फार्मासिस्टों ने अपने एसोशिएसन के बैनर तले स्वास्थ्य मंत्री के सरकारी आवास के बाहर धरना दे दिया। एसोशिएसन के अध्यक्ष ने कहा 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर उनका नियोजन हुआ था। उनके साथ ही आयुष चिकित्सकों और एएनएम का भी संविदा पर नियोजन किया गया था। आयुष चिकित्सकों का मानदेय धीरे-धीरे 20 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 44 हजार प्रतिमाह कर दिया गया और उनके मानदेय में वृद्धि नहीं की गई।'
अपने संघ के साथ फार्मासिस्ट आज स्वास्थ्य मंत्री से मिलने पहुंचे थे। वे उनको ज्ञापन देना चाह रहे थे, पर वे आवास में उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद सारे फार्मासिस्ट आवास के गेट के बाहर बैनर आदि लेकर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारे लगाने लगे।
एसोशिएसन के अध्यक्ष ने कहा 'वे स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर अपना मानदेय बढाने का अनुरोध करना चाहते हैं, इसीलिए यहां आए थे, पर स्वास्थ्य मंत्री आवास पर उपलब्ध नहीं हैं। उनके पास विभाग के एक अधिकारी का फोन आया है कि मंत्रीजी कहीं दौरे पर हैं और उन्होंने अपराह्न काल मे सचिवालय में वार्ता के लिए बुलाया है। हमारी मांग है कि राज्य के स्थायी फार्मासिस्टों के बराबर हमारा भी मानदेय किया जाय। अन्यथा आगे हम भूख हड़ताल पर जाएंगे। मांगें पूरी न होने पर सामूहिक इस्तीफा भी दे सकते हैं।'
इससे पहले पटना एम्स के संविदा पर बहाल नर्सिंग स्टाफ ने भी इसी कोरोना काल मे हड़ताल कर दिया था, हालांकि बाद में उनकी हड़ताल समाप्त हो गई थी। बिहार में ज्यादातर विभागों में पिछले काफी समय से संविदा पर ही नियुक्तयाँ की जा रहीं हैं और अक्सर किसी न किसी विभाग में वेतन और सुविधाएं बढाने की मांग को लेकर आंदोलन होते रहते हैं।











