Lakhimpur Kheri Violence: राहुल गांधी ने कहा 'मोदी जी, फिर से माफी मांगने का टाइम आ गया'

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Lakhimpur Kheri Violence: SIT जांच में खुलासे के बाद लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर विपक्ष नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर है। एसआईटी ने जांच में पाया है कि किसानों को गाड़ी से कुचलने की पूरी घटना एक सोची समझी साजिश थी। इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम को अब गृह राज्य मंत्री के पद से अजय मिश्रा को हटाना चाहिए क्योंकि सच सामने आ चुका है। लखीमपुर खीरी कांड की एसआईटी जांच से जुड़ी स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, ''मोदी जी, फिर से माफ़ी मांगने का टाइम आ गया…लेकिन पहले अभियुक्त के पिता को मंत्री पद से हटाओ। सच सामने है!''
इससे पहले कांग्रेस की महासचिव और यूपी मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की भूमिका की भी जांच की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया, ''न्यायालय की फटकार व सत्याग्रह के चलते अब पुलिस का भी कहना है कि गृह राज्य मंत्री के बेटे ने साजिश करके किसानों को कुचला था।'' उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ''इस बात की जांच होनी चाहिए कि साजिश में गृह राज्य मंत्री की क्या भूमिका थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसान विरोधी मानसिकता के चलते उन्हें पद से भी नहीं हटाया है।''
SIT की रिपोर्ट में क्या है?
एसआईटी ने अपनी जांच में पाया है कि किसानों को गाड़ी से कुचलने की पूरी घटना एक सोची समझी साजिश थी. एसआईटी ने अब आरोपियों पर लगाई गई धाराएं भी बदल दी हैं. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 आरोपियों पर अब गैर इरादतन हत्या की जगह हत्या का केस चलेगा.
क्या है पूरा मामला?
यूपी में लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में तीन अक्टूबर को चार किसानों को एक एसयूवी कार से कुचल दिया गया था, जब वह एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर लौट रहे थे. कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी मौजूद थे. घटना के बाद हुई हिंसा में भी कुछ लोग मारे गए थे.
इस पूरी घटना के दौरान एक स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप भी मारे गए थे. किसानों ने आरोप लगाया था कि एसयूवी अजय मिश्रा टेनी की थी और उसमें उनका बेटा आशीष मिश्रा था. सुप्रीम कोर्ट में मामले की पहली सुनवाई आठ अक्टूबर को हुई थी. हिंसा के कई दिनों के बाद आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को 9 अक्टूबर को कई घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था.











