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Lalu Attacks Congress : पुराने फॉर्म में दिखे बिहार पहुंचे लालू, कांग्रेस पर करारा हमला तो कन्हैया को दिया जवाब

Janjwar Desk
24 Oct 2021 12:52 PM GMT
Lalu Attacks Congress : पुराने फॉर्म में दिखे बिहार पहुंचे लालू, कांग्रेस पर करारा हमला तो कन्हैया को दिया जवाब
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(लालू यादव लंबे अरसे के बाद बिहार आए हैं और अपने पुराने तेवर व अंदाज में दिख रहे हैं) file pic.

Lalu Comes Bihar : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव रविवार, 24 अक्टूबर को पटना पहुंच रहे हैं। इस बीच दिल्ली से पटना के लिए निकलते वक्त उन्होंने कांग्रेस और उसके बिहार प्रभारी भक्त चरण दास पर बड़ा हमला किया है।

Lalu Comes Bihar : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) रविवार, 24 अक्टूबर 2021 को पटना पहुंच गए हैं। इस बीच दिल्ली से पटना के लिए निकलते वक्त उन्होंने कांग्रेस (Congress) और उसके बिहार प्रभारी भक्त चरण दास (Bhakt charan Das) पर बड़ा हमला किया है। वहीं, इस हमले का जबाब कांग्रेस ने दिया है और लालू यादव के बयान को 'दलित अस्मिता' से जोड़ दिया है। जदयू भी लालू यादव के इस बयान को लेकर उन्हें घेरने में लग गई है।

आज लालू यादव अपने पुराने अंदाज और तेवर में दिखे। हाल में कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) को भी उन्होंने करारा जबाब दिया। लालू यादव ने भक्तचरण दास के बारे में जो कुछ कहा, उसकी पृष्ठभूमि में कहीं न कहीं कन्हैया शामिल थे।

चूंकि दो दिन पहले पटना में (Kanhaiya in Patna) कन्हैया ने कहा था कि भक्तचरण दास कौन हैं यह लालू यादव से पूछिए। आज लालू यादव से जब पूछा गया तो उन्होंने भक्तचरण दास को भोजपुरी में 'उपमा' दे दी।

कन्हैया ने आरजेडी नेताओं को लालू से पूछने के लिए कहा था कि भक्त चरण कौन हैं, आज लालू ने जवाब दिया। कांग्रेस से गठबंधन (Mahagathbandhan) टूटने पर लालू यादव ने कहा कि गठबंधन क्या होता है, हारने के लिए सीट दे देते कि जमानत जब्त हो जाए?

बिहार विधानसभा उपचुनाव (Bihar Byelections) में राजद के दोनों सीटों पर कैंडिडेट उतारने के फैसले के बारे में लालू यादव ने साफ शब्दों में कहा कि क्या वे कांग्रेस के हारने के लिए सीट दे देते। लालू ने कहा, "कांग्रेस को क्यों सीट देते। क्या जमानत जब्त करवाने के लिए?"

लालू यादव का इशारा पिछले वर्ष हुए बिहार विधानसभा चुनावों की ओर था। उन चुनावों में महागठबंधन (Mahagathbandhan) की ओर से कांग्रेस को 70 सीटें दी गई थीं लेकिन पार्टी को इनमें से 17 सीटों पर ही जीत मिल सकी थी। उसी वक्त से राजद (Rashtriya Janta Dal) की ओर से अक्सर कहा जाता रहा है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार न बन पाने का कारण कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन था।

लालू यादव ने कांग्रेस महासचिव (Congress Mahasachiv) व पार्टी के बिहार प्रभारी भक्तचरण दास पर भी बड़ा हमला बोला है। जब उनका ध्यान भक्तचरण दास के बयान की ओर दिलाया गया तो राजद सुप्रीमो साफ तौर पर बिफर पड़े। उन्होंने दास के लिए भोजपुरी के एक अपमानजनक शब्द 'भकचोंहर' का प्रयोग करते हुए कहा कि उनके बयान देने से क्या होता है। बता दें कि यह शब्द अक्सर उन लोगों के लिए प्रयोग किया जाता है, जिन्हें किसी बात की समझ नहीं होती।

उधर कांग्रेस के साथ जदयू भी लालू यादव के इस बयान को लेकर उनपर हमलावर हो गई है। कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि अगर राजद के लोग कांग्रेस नेताओं के बारे में ऐसा बोलेंगे तो कांग्रेस पार्टी के नेता भी उनलोगों के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता असित तिवारी ने लालू यादव के इस बयान को दलितों का अपमान बताया है। जदयू की ओर से मंत्री अशोक चौधरी ने भी इस बयान को लेकर लालू यादव पर हमला बोला है।

बता दें कि भक्तचरण दास ने कहा था कि बिहार में कांग्रेस-राजद का गठबंधन टूट चुका है और कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी 40 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगी।

लालू यादव से जब यह पूछा गया कि बिहार उपचुनाव में गठबंधन खत्म हो गया है तो उन्होंने कहा कि गठबंधन क्या होता है? गठबंधन हारने के लिए नहीं होता हम हारने के लिए दोनों सीट कांग्रेस को नहीं दे सकते थे। यह पूछे जाने पर कि भक्त चरणदास लगातार यह कह रहे थे कि आरजेडी बीजेपी के लिए काम कर रही है इस सवाल पर लालू यादव ने कहा कि भक्त चरण दास 'भकचोंधर' हैं।

राजद और लालू परिवार में अंदरूनी कलह के बारे में पूछे जाने पर लालू यादव ने इससे साफ तौर पर इंकार किया। लालू यादव ने कहा कि तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव दोनों उनके बेटे हैं और पार्टी तथा परिवार में किसी तरह का कोई मनमुटाव नहीं है।

बता दें कि उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और एक तरह से उन्हें पार्टी से आउट किया जा चुका है। पार्टी के बैनर-पोस्टर पर उन्हें जगह नहीं मिल रही और उन्होंने राजद कार्यालय और पार्टी कार्यक्रमों में जाना बंद कर दिया है। साथ ही उन्होंने अपना अलग संगठन 'छात्र जनशक्ति परिषद' बना लिया है।

लालू के इस तेवर के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में अब आरजेडी कांग्रेस को ज्यादा तबज्जों देने के मूड में नहीं है। अगर आरजेडी इन दोनों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल कर लेती है तो कांग्रेस के लिए आगे की राह बेहद मुश्किल होने वाली है। लालू यादव के इस बयान से यह भी साफ हो गया है कि राजद साफ तौर पर मान कर चल रही है कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन ठीक नहीं था।

लालू यादव इससे पहले भी कई दफे यह कह चुके हैं कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की वजह से बिहार में महागठबंधन की सरकार नहीं बनी। लालू यादव अब सीधे दावा कर रहे हैं कि उपचुनाव के इन दोनों सीटों पर आरजेडी के उम्मीदवार की जीत होगी।

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