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उत्तर भारत में नेता कवियों का नाम तक नहीं जानते लेकिन केरल में कवि सुगाथाकुमारी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

Janjwar Desk
23 Dec 2020 4:30 PM GMT
उत्तर भारत में नेता कवियों का नाम तक नहीं जानते लेकिन केरल में कवि सुगाथाकुमारी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
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केरल के पर्यटन और सहकारिता मंत्री, कडकमपल्ली सुरेंद्रन और तिरुवनंतपुरम के जिला कलेक्टर नवजोत कोशा राज्य सरकार की ओर से प्रसिद्ध कवयित्री सुगाधाकुमारी के दाह-संस्कार में मौजूद थे....

तिरुवनंतपुरम। मलयालम कवि, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और पद्म पुरस्कार से सम्मानित सुगाथाकुमारी का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। कोविड से संबंधित समस्याओं की वजह से उनका बुधवार सुबह निधन हो गया था।

उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे विद्युत शवदाह गृह में किया गया। केरल के पर्यटन और सहकारिता मंत्री, कडकमपल्ली सुरेंद्रन और तिरुवनंतपुरम के जिला कलेक्टर नवजोत कोशा राज्य सरकार की ओर से प्रसिद्ध कवयित्री के दाह-संस्कार में मौजूद थे।

दिवंगत कवि (86) की बेटी लक्ष्मी, भतीजी श्रीदेवी पिल्लई, भतीजे पद्मनाभन और उनके बेटे विष्णु ने अंतिम संस्कार किया।

बता दें कि हाल ही में देश के प्रख्यात हिंदी कवि, लेखक मंगलेश डबराल का भी कोविड 19 की बीमारी से जूझने के बाद निधन हो गया था। इसी तरह मशहूर शायर और कवि राहत इंदौरी का भी कोविड 19 के कारण निधन हो गया था। लेकिन किसी का भी अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं किया गया था।

हालांकि सुगाथाकुमारी ने लोगों से कहा था कि उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन केरल सरकार ने पारंपरिक बंदूक की सलामी देते हुए पुलिस कर्मियों के साथ उनका पूरा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया।

अंतिम संस्कार कार्यक्रम में कोरोना की वजह से आम जनता के शामिल होने पर पाबंदी थी।

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