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Panchjany Vivad: इंफोसिस के बाद अब अमेजन आया पांचजन्य के निशाने पर, ईस्ट इंडिया कंपनी-2 करार दिया

Janjwar Desk
27 Sep 2021 3:21 AM GMT
Panchjany Vivad: इंफोसिस के बाद अब अमेजन आया पांचजन्य के निशाने पर, ईस्ट इंडिया कंपनी-2 करार दिया
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(पाञ्चजन्य ने अब ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को ईस्ट इंडिया कंपनी पार्ट-2 करार दिया है)

Panchjany Vivad: पाञ्चजन्य ने खासकर इस पर प्रसारित होने वाली वेब सीरीज और वीडियो मंच की आलोचना करते हुए उसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ करार दिया है..

Panchjanya Vivad : (जनज्वार)। इंफोसिस (Infosys) पर निशाना साधने के बाद आरएसएस से जुड़ी मानी जानेवाली पत्रिका पाञ्चजन्य (Panchjanya) ने अब ई-कामर्स वेबसाइट एमेजन को निशाने पर लिया है। पाञ्चजन्य ने अपने ताजा लेख में एमेजन को ईस्ट इंडिया कंपनी पार्ट-2 घोषित कर दिया है। पाञ्चजन्य ने खासकर इस पर प्रसारित होने वाली वेब सीरीज और वीडियो मंच की आलोचना करते हुए उसे भारतीय संस्कृति (Indian Culture) के खिलाफ करार दिया है।

पांचजन्य ने ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0 (East India Company) के नाम से अपने लेख में लिखा, "भारत पर 18वीं शताब्दी में कब्जा करने के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी ने जो कुछ किया, वही आज अमेजन की गतिविधियों में दिखाई देता है"।

पत्रिका ने यह दावा करते हुए कि अमेजन (Amazon) भारतीय बाजार (Indian Market) में अपना एकाधिकार स्थापित करना चाहता है और ऐसा करने के लिए ई-कॉमर्स कंपनी ने भारतीय नागरिकों की आर्थिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर कब्जा करने के लिए पहल करना शुरू कर दिया है।

लेख में अमेजन के वीडियो मंच (Video section) की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा गया कि वह अपने मंच पर ऐसी फिल्में और वेब सीरीज जारी कर रहा है, जो भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं। गौरतलब है कि ऐसी खबरें आई हैं कि अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज भारत में अपने कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा भुगतान की गई कथित रिश्वत की जांच कर रही है।

बता दें कि अमेजन पर हमला बोलने से पहले इस पत्रिका ने इसी महीने 'साख और आघात' के शीर्षक से छापे एक लेख के जरिए बेंगलूरु की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।

पत्रिका ने लिखा था कि इन्फोसिस जानबूझकर भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। लेख में कंपनी पर नक्सलियों, वामपंथियों और टुकड़े-टुकड़े गैंग की मदद करने का भी आरोप लगाया गया था। लेख में कहा गया था कि यह पहला मौका नहीं है जब इन्फोसिस ने किसी सरकारी प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की है।

पांचजन्य ने इंफोसिस को लेकर 'साख और अघात' शीर्षक से चार पेज की कवर स्टोरी (कहानी) प्रकाशित की थी और कवर पेज पर इसके संस्थापक नारायण मूर्ति की तस्वीर छापी थी। लेख में बेंगलुरु स्थित कंपनी पर हमला किया गया और इसे 'ऊंची दुकान, फीका पकवान' बताया गया।

लेख में हैरानी जताई गई कि इंफोसिस द्वारा विकसित जीएसटी और आयकर रिटर्न पोर्टलों, दोनों में गड़बड़ियों के कारण, देश की अर्थव्यवस्था में करदाताओं के भरोसे को अघात पहुंचा है। क्या इंफोसिस के जरिए कोई राष्ट्रविरोधी ताकत भारत के आर्थिक हितों को अघात पहुंचाने की कोशिश कर रही है?

इंफोसिस द्वारा विकसित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और आयकर पोर्टलों में खामियों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंधित साप्ताहिक पत्रिका 'पांचजन्य ने स्वदेशी सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी पर हमला किया और पूछा है कि क्या कोई राष्ट्र-विरोधी शक्ति इसके माध्यम से भारत के आर्थिक हितों को अघात पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

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