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अध्ययन के जुनूनी पूरन ने हासिल की मनोविज्ञान में परास्नातक की 14वीं डिग्री

Janjwar Desk
13 Dec 2021 10:25 AM IST
अध्ययन के जुनूनी पूरन ने हासिल की मनोविज्ञान में परास्नातक की 14वीं डिग्री
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एडवोकेट पूरन चन्द्र पाण्डे (फाइल फोटो)

रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता पूरन चन्द्र पाण्डे का डिग्रियां हासिल करने का सिलसिला कुमाउं विश्वविद्यालय से 1998 में बीए की डिग्री लेने के साथ शुरू हुआ जो कि अब तक अनवरत जारी है।

सलीम मलिक की रिपोर्ट

रामनगर। अगर किसी में पढ़ने की ललक हो तो उसके लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती। और यदि यह ललक जुनून की हद तक पहुंच जाए तो नित नए कीर्तिमान भी स्थापित करती है।

कुछ ऐसा ही हाल अध्ययन के प्रति दीवानगी लिए एडवोकेट पूरन चन्द्र पाण्डे का है जिन्होंने मनोविज्ञान विषय में परास्नातक कर अपने जीवन की 14वीं डिग्री हासिल कर एक बड़ी लकीर खींचने में सफलता हासिल की है। अध्ययन के कई विषयों को छूते हुए पुस्तकों के साथ अपनी जीवन यात्रा का यह पड़ाव उन्होंने उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय से पूरा किया है।

रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता पूरन चन्द्र पाण्डे का डिग्रियां हासिल करने का सिलसिला कुमाउं विश्वविद्यालय से 1998 में बीए की डिग्री लेने के साथ शुरू हुआ जो कि अब तक अनवरत जारी है।

वर्ष 2000 में अर्थशास्त्र से परास्नातक, 2002 में समाज शास्त्र, 2005 में एलएलबी, 2007 में एलएलएम, 2008 में मानवाधिकार, 2010 में राजनीति विज्ञान, 2012 में शिक्षा शास्त्र, 2013 में लोक प्रशासन, 2014 में इतिहास, 2014 में जनप्रबंधन, 2017 में योगा, 2019 में पत्रकारिता के बाद उन्होंने इस वर्ष मनोविज्ञान में परास्नातक की यह नई डिग्री हासिल की है। इससे पूर्व अखबारों में संपादक के नाम पत्र लिखकर गिनीज विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवा चुके पूरन पाण्डे का नाम लिम्का बुक में भी दर्ज है। गौर करने वाली बात यह भी है कि पाण्डे की सभी डिग्रियां प्रथम श्रेणी व बी प्लस श्रेणी की हैं।

वर्तमान में पाण्डे का यह सफर अभी भी जारी है। इग्नू से दर्शन शास्त्र से परास्नातक के साथ-साथ महर्षि विश्वविद्यालय लखनऊ से पीएचडी कर रहे पाण्डे का कहना है कि पढ़ने की कोई उम्र न होना और ज्ञान की कोई सीमा न होना ही उन्हें और अधिक ज्ञान प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। हम कितना भी ज्ञान प्राप्त कर लें, प्रकृति के समक्ष हमेशा विद्यार्थी ही रहेंगे।

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