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Tripura Violence : त्रिपुरा में गिरफ्तार की गईं दोनों महिला पत्रकारों को मिली जमानत

Janjwar Desk
15 Nov 2021 6:35 PM IST
Tripura Violence : त्रिपुरा में गिरफ्तार की गईं दोनों महिला पत्रकारों को मिली जमानत
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(त्रिपुरा में गिरफ्तार दोनों महिला पत्रकारों को कोर्ट ने जमानत दे दी है) File pic.

विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के एक समर्थक की शिकायत पर रविवार को त्रिपुरा के फतिक्रॉय पुलिस थाने में एक एफआईआर में एचडब्ल्यू न्यूज नेटवर्क की समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा को नामजद किया गया था।

त्रिपुरा (Tripura) में गिरफ्तार की गईं दो महिला पत्रकारों को जमानत मिल गई है। हालिया सांप्रदायिक घटनाओं के सिलसिले में सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट को लेकर गिरफ्तार की गईं दो महिला पत्रकारों (women journalists) को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने सोमवार, 15 नवंबर 2021 को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

बता दें कि विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के एक समर्थक की शिकायत पर रविवार को त्रिपुरा के फतिक्रॉय पुलिस थाने में एक एफआईआर में एचडब्ल्यू न्यूज नेटवर्क की समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा को नामजद किया गया था।

एफआईआर में आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपनी खबरों के जरिए त्रिपुरा की छवि खराब की है। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) और इंडियन वुमेन प्रेस कॉर्प्स (आईडब्ल्यूपीसी) ने असम पुलिस द्वारा दो महिला पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की थी।

बता दें कि त्रिपुरा आई दो महिला पत्रकारों को असम पुलिस ने रविवार को असम-त्रिपुरा सीमा के करीब करीमगंज के नीलम बाजार में हिरासत में ले लिया था। दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की थी।

वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभ्रा नाथ ने अदालत में उन्हें पेश किए जाने पर जमानत दे दी। कोर्ट में पेश हुए उनके वकील पीजूष विश्वास ने कहा कि दोनों महिला पत्रकारों को 75,000-75,000 रुपए के जमानत बांड पर जमानत दी गई है।

अदालत ने उन्हें काकराबन पुलिस थाने में पेश होने को कहा है जहां मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ के बाद छोड़ा जाएगा। दोनों पत्रकारों को रविवार को असम के करीमगंज में हिरासत में लिया गया था और उन्हें राज्य की राजधानी अगरतला से करीब 50 किलोमीटर दूर उदयपुर स्थित मजिस्ट्रेट अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड पर त्रिपुरा लाया गया था।

बता दें कि एडिटर्स गिल्ड ने दोनों महिला पत्रकारों की गिरफ्तारी की आलोचना की थी। गिल्ड की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ''एडिटर्स गिल्ड इस कार्रवाई की निंदा करता है और उनकी तत्काल रिहाई और यात्रा करने की उनकी स्वतंत्रता की बहाली की मांग करता है।"

आईडब्ल्यूपीसी ने भी दोनों पत्रकारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की और मांग की कि उन्हें बिना किसी डर के अपना काम करने दिया जाए।

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