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उत्तर प्रदेश

Auraiya News : दिवाली मना रही 5 साल की बच्ची के पेट में घुसा रॉकेट, त्योहार के दिन मासूम क़ो मिली दर्दनाक मौत

Janjwar Desk
25 Oct 2022 6:55 PM IST
Auraiya News : दिवाली मना रही 5 साल की बच्ची के पेट में घुसा रॉकेट, त्योहार के दिन मासूम क़ो मिली दर्दनाक मौत
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Auraiya News : दिवाली मना रही 5 साल की बच्ची के पेट में घुसा रॉकेट, त्योहार के दिन मासूम क़ो मिली दर्दनाक मौत

Auraiya News : उत्तर प्रदेश के औरैया में दीपावली के दिन आतिशबाजी एक मासूम की जान लेकर चली गई। हवा में उड़ता हुआ रॉकेट एक बच्ची के पेट में घुस गया, जिससे उसकी आंतें बाहर निकल आईं। इस हादसे में बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई।

Auraiya News : उत्तर प्रदेश के औरैया में दीपावली के दिन आतिशबाजी एक मासूम की जान लेकर चली गई। हवा में उड़ता हुआ रॉकेट एक बच्ची के पेट में घुस गया, जिससे उसकी आंतें बाहर निकल आईं। इस हादसे में बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। घटना auraiya के बनारसीदास पश्चिमी मुहल्ले की है। सोमवार की देर शाम दीपावली पर मोहल्ले में लोग आतिशबाजी कर रहे थे, तभी किसी ने रॉकेट जला दिया, जो बच्ची के पेट में जा घुसा।

जानकारी के मुताबिक बनारसीदास पश्चिमी मुहल्ले में सोमवार 24 अक्टूबर की देर शाम स्थानीय लोग दीपावली पर पूजा पाठ के बाद घरों के बाहर आतिशबाजी कर रहे थे। उसी समय शशि की मासूम पुत्री 5 वर्षीय लक्ष्मी गली में खेल रही थी। तभी किसी ने रॉकेट चला दिया, जो मासूम बच्ची के पेट में जा घुसा। रॉकेट लगने से उसकी आंतें पेट से बाहर निकल आयीं।

किसने चलाया रॉकेट?

रॉकेट पेट में घुसने से मासूम बच्ची तड़पकर जमीन में गिर पड़ी, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरन उसने दम तोड़ दिया। मासूम बच्ची की मौत से दीपोत्सव की खुशियां मातम में बदल गईं। बच्ची की नानी तारा देवी व मां शशि का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के बाद मौके पर पुलिस पहुंची ने इलाकाई लाेगों से पूछताछ की। लेकिन रॉकेट किसने चलाया इसकी जानकारी कोई नहीं दे सका।

बच्ची क़ो लेकर मायके में रहती है मां

पुलिस द्वारा यह बात सामने आयी है कि ससुराल से कुछ अनबन होने के कारण मृतका बच्ची की मां शशि अपने मायके में रह रही है। शशि के पिता की मौत हो चुकी है, लिहाजा, घर में शशि उनकी बूढ़ी मां और बच्ची साथ रह रही थी। हादसे के बाद घर की खुशियां मातम में बदल गईं। वहीं पूरे मोहल्ले में मातमी असर है।

इस बात की जानकारी भले ही किसी ने ना दी हो की यह जानलेवा रॉकेट आखिर चलाया किसने? हो सकता है की पुलिस भी आरोपी ना तलाश पाए। लेकिन इस मामले का जो अपराधी है, अगर वो अपने भीतर अपराध बोध महसूस रहा है, तो दावा है की ताउम्र वह अब पटाखे नहीं चलाएगा। और इंसान के भीतर अपने किये अपराध का बोध होना भी चाहिए। यही इंसानियत कहती भी है।

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