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शिक्षा

जेएनयू की घटना के 72 घंटे बाद भी दिल्ली पुलिस को नहीं मिला कोई आरोपी, अब तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी

Nirmal kant
8 Jan 2020 12:19 PM GMT
जेएनयू की घटना के 72 घंटे बाद भी दिल्ली पुलिस को नहीं मिला कोई आरोपी, अब तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी
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जेएनयू में हमले के तीन दिन बाद भी अब तक किसी आरोपी नहीं हुई गिरफ्तारी, 50-60 नकाबपोश बदमाशों ने शिक्षकों और लेफ्ट से जुड़े छात्रों पर कर दिया था हमला...

जनज्वार। जेएनयू हमले के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी अबतक दिल्ली पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पायी है। बता दें कि जेएनयू में बीते रविवार पांच जनवरी को 50-60 नकाबपोश बदमाशों ने जेएनयू के शिक्षकों और लेफ्ट से जुड़े छात्रों पर हमला कर दिया था। इस हमले में 25 से 30 छात्र-शिक्षक घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस की ओर से 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने हमले में घायल छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष का नाम भी एफआईआर में शामिल किया है।

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बीच माकपा के नेता सीताराम येचुरी ने जेएनयू के वाइस चांसलर एम. जगदीश कुमार को हटाने की मांग की है। येचुरी ने कहा कि इसके लिए हम करीब 100 सांसद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने विश्वविघालय के शिक्षक संघ और छात्रसंघ द्वारा आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। तभी उन्होंने जेएनयू के कुलपति को हटाने की मांग को सामने रखा।

ससे पहले माकपा नेता वृंदा करात ने जनज्वार से बातचीत में कहा था कि जामिया के छात्रों के हमले के बाद देश के सभी छात्र एक साथ हो गए थे क्योंकि छात्र जानते थे कि आज जामिया पर हुआ कल एएमयू पर होगा जेएनयू पर होगा। पूरे देशभर के छात्रों पर हमला हो रहा है क्योंकि छात्र मोदी और शाह की गलत नीतियों के खिलाफ एकजुट हैं।

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वृंदा करात ने आगे कहा, 'जिस प्रकार जेएनयू में एबीवीपी के गुंडों ने लोहे की रोड से पुलिस के सामने छात्रों पर हमला किया वो बेहद शर्म की बात है। ये संस्कृति आरएसएस की है। सिर्फ इसलिए छात्रों को मारना कि वह फीस की वृद्धि को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। अगर जेएनयू की फीस बढ़ गई तो देश का एक भी गरीब बच्चा इस में नहीं पढ़ पाएगा। जेएनयू में गरीबों को पढ़ने के लिए सपना देखना पड़ेगा।'

जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद की मां से हमारी टीम ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि 'जब मेरे बेटे के साथ ऐसा हुआ था तब भी दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर देती तो आज ऐसा दिन नहीं देखना पड़ता। इस सरकार को हर छात्रों की मां की बद्दुआ लगेगी और जिसको मां की बद्दुआ लग जाती है उसको दुनिया और आखिरत दोनों में जगह नहीं मिलती है।'

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