Top
दुनिया

भारत में कोरोना को मुस्लिम समुदाय से जोड़े जाने पर अमेरिका ने जताई आपत्ति, दे डाली ये नसीहत

Raghib Asim
3 April 2020 10:59 AM GMT
भारत में कोरोना को मुस्लिम समुदाय से जोड़े जाने पर अमेरिका ने जताई आपत्ति, दे डाली ये नसीहत

file photo

दिल्ली के निजामुद्दीन मर्कज़ लॉकडाउन के दौरान आयोजित किये गए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम को लेकर भारत में कुछ मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया पर कोरोना संक्रमण फैलने के लिए मुसलमानो को ज़िम्मेदार ठहराए जाने वाले पोस्टो को लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है...

जनज्वार। दिल्ली के निजामुद्दीन मर्कज़ लॉकडाउन के दौरान आयोजित किये गए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम को लेकर भारत में कुछ मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया पर कोरोना संक्रमण फैलने के लिए मुसलमानो को ज़िम्मेदार ठहराए जाने वाले पोस्टो को लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है। दरअसल निजामुद्दीन मर्कज़ की घटना के बाद ट्विटर पर #CoronaJihad और #TablighiJamat जैसे हैशटैग ट्रेंड चलाकर मुसलमानो को टारगेट किये जाने की कोशिश हो रही है। अमेरिका ने इन हैशटेग को लेकर आपत्ति जाहिर की है और कहा है कि ऐसे हैश टैगो के इस्तेमाल से ऐसा लगता है जैसे कि कोरोना वायरस मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा ही फैलाया गया है। इस तरह एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने की कोशिशें काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। अमेरिका के विशेष राजदूत सैमुअल ब्राउनबैक ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘अमेरिकी प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे मामले देखे हैं जिसमें इस बीमारी के लिए अल्पसंख्यक समुदाय को आरोपित किया जा रहा है।’

सरकार को नसीहत

#CoronaJihad हैश टैग के ट्विटर पर ट्रेंड में आने को लेकर ब्राउनबैक ने कहा कि इस तरह के हैशटेग से ऐसा मालूम पड़ता है जैसे कि कोरोना वायरस मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा ही फैलाया गया हो। इस तरह का दुष्प्रचार कई इलाकों में किया जा रहा है जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को इस पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सरकार को इस मामले में स्पष्ट करना चाहिए कि जमात के लोग कोरोना के श्रोत नहीं हैं। हम जानते हैं कि यह एक महामारी है जिससे पूरा विश्व जूझ रहा है। इसका धार्मिक अल्पसंख्यकों से कोई लेना देना नहीं है लेकन दुर्भाग्य से मैं इस तरह का आरोप लगता देख रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि सरकार इस मुद्दे को संबोधित करेगी और लोगों के सामने सख्ती से अपनी बात रखेगी।’ उन्होंने कहा कि ऐसे समय जब विश्व के सभी समुदाय कोरोना संक्रमण से लड़ाई में अपना योगदान दे रहे हैं, इस तरह की सोच कि मुस्लिम समुदाय के लोग कोरोना फैला रहे हैं काफी चिंता का विषय है जो देश को भारी क्षति पहुंचाएगा।

संबंधित खबर : लॉकडाउन- घर लौटे पति को चोखे में दी नींद की गोलियां, सोते ही पत्नी ने काट दिया गला

गौरतलब है कि देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद के बीच कुछ न्यूज़ चैनलों के अलावा सोशल साइट्स पर कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद बढ़ने के लिए अपरोक्ष रूप से तब्लीगी जमात को ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिशें चल रही है। कोरोना संक्रमण से मुसलमानो का नाम जोड़ने की कोशिशों के तहत ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल साइट्स पर हैशटैग के साथ ट्रेंड चलाये जा रहे हैं। इतना ही नहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने भी बुधवार को कहा कि तब्लीगी जमात के लोगों के घूमने से कोरोना के मामले बढ़े हैं।

संबंधित खबर : कोरोना इलाज की मुश्किलों को सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले डॉक्टर को ममता ने भेजा जेल

हीँ दूसरी तरफ निज़ामुद्दीन के तब्लीगी जमात मर्कज़ मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर निजामुद्दीन मर्कज़ के प्रमुख मौलाना साद तथा अन्य लोगों के खिलाफ लिखी गई है। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी।

Next Story

विविध

Share it