अंधविश्वास

क्या रामदेव पतंजलि को उबारने के लिए कर रहे कोरोना वायरस के नाम पर इलाज के फर्जी दावे ?

Janjwar Team
4 March 2020 5:00 AM GMT
क्या रामदेव पतंजलि को उबारने के लिए कर रहे कोरोना वायरस के नाम पर इलाज के फर्जी दावे ?
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(बाबा रामदेव के बयानों से घिरे पतंजलि ने पूछे 25 सवाल)

बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोना वायरस से चीन के जिन लोगों में संक्रमण होने की संभावना है या जो संक्रमित लोग हैं, उनकी जीवन रक्षा के लिए पतंजलि योगपीठ सहयोग करने के लिए तैयार है...

जनज्वार। कोरोना वायरस से दुनियाभर में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। इसका असर दुनिया के 20 से ज्यादा देशों तक देखने को मिल रहा है। इससे निपटने के लिए चीन के 11 प्रांतों में बंदी है। इस चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिकों में दवाईयां विकसित करने रेस चल रही है। वहीं पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव ने अजीबोगरीब दावा किया है। रामदेव का कहना है कि प्रणायाम करने से कोरोना वायरस का इलाज किया जा सकता है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। बाबा रामदेव ने खुद इस वीडियो को रिट्वीट किया है।

बाबा रामदेव ने एक ट्वीट में यह भी लिखा है कि कोरोना वायरस से चीन के जिन लोगों में संक्रमण होने की संभावना है या जो संक्रमित लोग हैं, उनकी जीवन रक्षा केलिए पतंजलि योगपीठ सहयोग करने के लिए तैयार है। चीन को हम यह गिलोय, तुलसी आदि आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं।

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से में सवाल यह उठने लग गए हैं कि बाबा रामदेव कहीं अपनी कंपनी पतंजलि के कारोबार को देखते हुए तो ऐसा बयान नहीं दे रहे हैं। अमेरिकी समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पंतजलि का कारोबार इस समय काफी मुश्किलों में है। रामदेव ने वर्ष 2018-19 में ब्रिकी को लकेकर 20 हजार करोड़ रुपए तक का लक्ष्य रखा था। वहीं बीते साल में कंपनी की ब्रिकी उल्टा 10 प्रतिशत तक कम रह गई है।

के मुताबिक, 'कंपनी की ब्रिकी 10 हजार करोड़ रुपए से घटकर करीब 8.1 हजार करोड़ रुपए हो गई है। इसके बाद से ही पंतजलि के सीओ आचार्य बालकृष्ण ने विदेशी कंपनियों के साथ डील करने के भी सकेंत दिए थे आचार्य ने ईटी से हुई बातचीत में तीन-चार वैश्विक कंपनियों के साथ काम करने की रुचि भी दिखाई थी। उन्हेोने कहा था कि हम किसी भी तरह से मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ काम करने के किलआफ नहीं है।'

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ता दें कि बाबा रामदेव पहले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने कोरोना वायरस को लेकर इस तरह का फर्जी दावा किया हो। इससे पहले असम में भाजपा की विधायक सुमन हरिप्रिया ने गायब के गोबर और गोमूत्र को फायदेमंद कहा था और कोरोनावायरस जैसी बीमारी से निपटने के लिए उन्होंने गोमूत्र और गोबर को मददगार बताया था। हरिप्रिया ने यह बात राज्य की विधानसभा में बजट सत्र के दौरान बांग्लादेश से मवेशियों की लगातार तस्करी के मामले पर चर्चा करते हुए कही थी।

नहीं इसी तरह का दावा अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महपाणि महाराज ने भी किया था। चक्रपाणि महाराज ने कोरोनायरस को बीमारी ना बताते हुए मांसाहारियों को सजा देने के लिए एक अवतार बताया था। उन्होंने कहा था कि यह अवतार छोटे- मोटे जीव जंतुओं की रक्षा के लिए जमीन पर उतरा है। स्वामी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को कोरोना की एक मूर्ति बना कर उससे माफी मांगनी की भी सलाह दी थी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चक्रपाणि महाराज का खूब मजाक उड़ा था।

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