समाज

कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड में ब्रजेश ठाकुर को नाबालिग बच्चियों-युवतियों के यौन शोषण में ठहराया दोषी, 28 जनवरी को सजा का ऐलान

Nirmal kant
20 Jan 2020 9:23 AM GMT
कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड में ब्रजेश ठाकुर को नाबालिग बच्चियों-युवतियों के यौन शोषण में ठहराया दोषी, 28 जनवरी को सजा का ऐलान
x

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड मामले में रेप के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 19 लोग दोषी करार, साकेत कोर्ट ने सुनाया 1045 पन्नों का फैसला, एक आरोपी को किया बरी...

जनज्वार। बिहार के मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृहकांड के मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 19 लोगों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने इन सभी को बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का दोषी पाया है। साकेत कोर्ट ने अपने 1045 पन्नों के आदेश में यह फैसला सुनाया है। वहीं कोर्ट द्वारा सबूतों के अभाव में एक आरोपी मोहम्मद साहिल को बरी कर दिया गया।

संबंधित खबर : मुजफ्फरपुर बलात्कार कांड का आरोपी ब्रजेश ठाकुर था पत्रकारिता का सरकारी मेहमान

गौरतलब है कि बालिका गृह में लड़कियों को नशीली दवाएं दी जाती थी। उनको मारा-पीटा जाता था फिर उनके साथ जबरन यौन शोषण किया जाता था। मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में 34 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था।

जांच में 34 बच्चियों के यौन शोषण की पुष्टि भी हुई थी। पीड़िताओं ने सुनवाई के दौरान यह भी खुलासा किया था कि उन्हें नशीला दवाएं देने के साथ मारा-पीटा जाता था, फिर उनके साथ जबरन यौन शोषण किया जाता था।

सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट के मुताबिक मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड सरकारी कर्मचारी भी संलिप्त थे। आरोप है कि बिहार सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारी भी बच्चियों के साथ गलत काम में संलिप्त थे।

सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ की अदालत ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 19 लोगों को 1045 पन्नों के अपने आदेश में दोषी ठहराया है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया था। सभी दोषियों को सजा का ऐलान 28 जनवरी को किया जाएगा।

गौरतलब है कि इस मामले में ब्रजेश ठाकुर समेत पांच को कोर्ट ने गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया है, जबकि बाकी 14 में से 13 दोषी पोक्सो एक्ट और साजिश रचने के जिम्मेदार ठहराये गये। इसमें 7 महिलाएं भी शामिल हैं। रोजी रानी नाम की महिला को कोर्ट ने अपने अधिकारियों को घटना के संबंध में जानकारी न देने के लिए दोषी करार दिया।

Next Story

विविध