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मंदी के कारण कैफे कॉफी डे देशभर में करने जा रहा है 500 आउटलेट्स बंद

Vikash Rana
16 Nov 2019 11:10 AM GMT
मंदी के कारण कैफे कॉफी डे देशभर में करने जा रहा है 500 आउटलेट्स बंद
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इस समय कंपनी के कुल 1,700 आउटलेट्स पूरे देश में चल रहे। जिसमें से कंपनी 500 आउटलेट्स को बंद करने जा रही है। कंपनी का कहना है अगर मंदी ऐसे ही जारी रही तो ये संख्या और कम हो सकती है...

जनज्वार। देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन में से एक कैफे कॉफी डे ने मंदी के कारण 6 महीने के भीतर 500 आउटलेट्स को बंद कर दिया है। कैफे कॉफी डे का कहना है कि अगर कंपनी को ऐसे घाटा होता रहेगा तो और भी आउटलेट्स को बंद किया जा सकता है। पूरे देश में कंपनी के अब केवल 1300 आउटलेट्स ही बचे हैं।

भारत में 2018 तक कंपनी के पास कुल 1700 आउटलेट्स थे, लेकिन इनकी संख्या घट कर अब केवल 1300 ही रह गई है। अगर कंपनी इसी तरह घाटे मे रही तो ये संख्या और कम हो सकती है। कंपनी का कहना है कि हमें जिन आउटलेट्स से खास मुनाफा नहीं हो रहा है, उन्हें हम जल्द ही बंद करने का फैसला लेंगे। वहीं कंपनी बिजनेस समेकन योजना के तहत कुछ हिस्सेदारी कम करने के बारे में भी सोच रही है। पहली तिमाही में कंपनी की रिटेल ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई साल-दर-साल के हिसाब से 10 फीसदी गिरकर 73 करोड़ रुपये रह गयी थी।

कॉफी डे की स्थापना वी.जी. सिद्धार्थ ने कर्नाटक के चिक्कामगलुरु में 1993 में की थी। इस कंपनी में 20,000 हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी अगर ऐसे ही घाटे में रही तो इन कर्मचारियों के रोजगार पर भी असर पड़ेगा।

कैफे कॉफी डे के मालिक की मौत काफी रहस्यमयी तरीके से 31 जुलाई को हो गई थी। सिद्धार्थ की लाश कर्नाटक के नेत्रावती नदी के पास मिली थी।

href="https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/private-equity-firms-want-a-big-sip-of-caf-coffee-day/articleshow/72064757.cms">द इकोनाॉमिक टाइम्स ने शुक्रवार को ही अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि प्राइवेट इक्विटी फर्म्स ने कंपनी के साथ नॉन डिस्कलोजर अग्रीमेंट साइन किया हुआ है। इक्विटी फर्म्स में केकेआर, टीपीजी कैपिटल और बेन कैपिटल का नाम शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये कंपनिया कैफे कॉफी डे में कुछ हिस्सेदारी खरीदने के इच्छुक है।

सीबीआई के अधिकारी अशोक कुमार मल्होत्रा जो सीसीडी के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ के लेटर की जांच कर रहे हैं। ये लेटर सिद्धार्थ ने 27 जुलाई को बोर्ड के सदस्य को सौपा था। जांच रिपोर्ट को जमा किए जाने के बाद कंपनी बोर्ड अपने भावी निवेशकों के साथ बातचीत के दौर को आगे बढ़ाने वाली है।

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