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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- मार्च 2020 तक बिक जाएंगे एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम

Nirmal kant
17 Nov 2019 9:58 AM GMT
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- मार्च 2020 तक बिक जाएंगे एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम
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केंद्र की मोदी सरकार एक ओर आर्थिक मोर्चे पर चल रही भारी मंदी के सवालों के बीच घिरी हुई है, वहीं दूसरी ओर एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 2020 तक निजी हाथों में बेचने की तैयारी कर रही है...

जनज्वार, नई दिल्ली। केंद्र सरकार के मुताबिक ये दोनों कंपनियां बेचने के बाद सरकार को एक लाख करोड़ रुपये का मुनाफा होगा। कंपनियों को बेचने से पहले ही निवेशक काफी उत्साहित लग रहे हैं। मार्च तक दोनों ही कंपनिया निजी हाथों में चली जाएंगी।स समय देश की जीडीपी 5.8 प्रतिशत चल रही है। यानी की अर्थव्यवस्था में सुस्ती चल रही है। बेरोजगारी बीते 45 वर्षों में शीर्ष पर है। टेक्टसटाइल, ऑटो सेक्टर में भी मंदी चल रही है जिसके चलते कई कर्मचारियों को बेरोजगार कर दिया गया है।

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हीं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि एयर इंडिया और ऑइल रिफाइनर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) को बेचने के बाद हालात कुछ काबू में हो सकते हैं। इसीलिए देश की सबसे बड़ी ऑइल रिफाइनर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और एयर इंडिया को सरकार मार्च तक बेचने की तैयारी मे जुट गई है।

सीतारमण ने आगे कहा कि ये दोनों सरकारी कंपनियां बेचने से सरकार को इस वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये का फायदा होगा। एयर इंडिया की बिक्री प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निवेशकों में उत्साह है। जबकि पिछले साल निवेशक इतने उत्साहित नहीं थे। मौजूदा वित्त वर्ष में कर संग्रह में गिरावट आई है। अक्तूबर महीने में जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ से कम रहा। पिछले महीने की तुलना में यह 5.29 फीसदी कम रहा। इसलिए सरकार विनिवेश और स्ट्रैटेजिक सेल के जरिए राजस्व जुटाना चाहती है। सितंबर माह में जीएसटी संग्रह 91,916 करोड़ रुपए रहा था।

सीतारमण ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। देश में कई क्षेत्र अब सुस्ती से बाहर निकल रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि कई उद्योगों के मालिकों से अपनी बैलेंस शीट में सुधार करने को कहा गया है और वे निवेश की तैयारी भी कर रहे हैं।

मौजूदा हालात में बीपीसीएल की कुल आय 55,000 करोड़ रुपये है। भारत पेट्रोलिम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और एयर इंडिया की 53.3 फीसदी को संपत्ति बेचकर सरकार का 65,000 करोड़ रुपए का राजस्व कमाने का लक्ष्य है। पिछले साल सरकार ने ओएनजीसी पर एचपीसीएल के अधिग्रहण के लिए दबाव डाला था। इसके बाद संकट में फंसे आईडीबीआई बैंक के लिए निवेशक नहीं मिलने पर सरकार ने पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में एलआईसी को बैंक का अधिग्रहण करने को कहा था। सरकार विनिवेश प्रक्रिया के तहत संसाधन जुटाने के लिये एक्सचेंज ट्रेडिड फंड (ईटीएफ) का भी सहारा लेती आई है।

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ससे पहले खबर आई थी कि केंद्र सरकार भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में अपनी 53 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी को बेचने जा रही है। इसके लिए सरकार की तरफ से सारी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। लेकिन अब सरकार पूरी तरह से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और एयर इंडिया को निजी हाथों में सौंप देगी।

दोनों ही कंपनियां कर्ज तले डूबी हैं। इन कंपनियों को बेचने के बाद सरकार कर्ज को चुकाने में सर्मथ होगी। इससे पहले अगस्त में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कहा था कि एयर इंडिया का बकाया ईंधन बिल 5,000 करोड़ रुपये हो गया था, जिसका लगभग भुगतान नहीं किया गया था।

यर इंडिया पर फिलहाल लगभग 58,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके अलावा सरकारी विमानन कंपनी का परिचालन घाटे में बना हुआ है।

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