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उन्नाव रेप कांड में बीजेपी के निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर को कोर्ट ने ठहराया दोषी, चार्जशीट में देरी के लिए सीबीआई को फटकार

Prema Negi
16 Dec 2019 10:23 AM GMT
उन्नाव रेप कांड में बीजेपी के निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर को कोर्ट ने ठहराया दोषी, चार्जशीट में देरी के लिए सीबीआई को फटकार
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2017 में नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार मामले में आरोपित विधायक सेंगर पर बलात्कार का आरोप सही बताते हुए कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल करने में देरी के लिए सीबीआई को लगाई जमकर फटकार....

जनज्वार। उन्नाव रेप और किडनैपिंग केस में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी बताया है। कोर्ट ने बीजेपी के निष्कासित विधायक को रेप, किडनैपिंग और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी मानते हुए 19 दिसंबर को सजा पर बहस के लिए तारीख तय की है। सजा की समयावधि कोर्ट कल की सुनवाई में बतायेगी।

कुलदीप सेंगर के खिलाफ दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने आज 16 दिसंबर को अपना फैसला सुना दिया है। 2017 में नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार मामले में आरोपित विधायक सेंगर पर बलात्कार का आरोप सही बताते हुए कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल करने में देरी के लिए सीबीआई को जमकर फटकार भी लगाई।

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दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा का ऐलान 19 तारीख को कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि उन्नाव केस में अभी सिर्फ एक मामले पर कोर्ट ने अपना फैसला दिया है, 4 अन्य मामलों पर फैसला आना अभी बाकी है।

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कुलदीप का सेंगर बलात्कारी और किडनैपिंग के लिए जिम्मेदार ठहराने के पीछे उसकी मोबाइल लोकेशन को कोर्ट ने अहम सबूत माना है। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि यह इस बात के सबूत हैं कि पीड़िता को शशि सिंह ही बलात्कारी विधायक के पास लेकर गई थीं। सेंगर को आईपीसी की धारा 376, सेक्शन 5(c) और पॉक्सो ऐक्ट के तहत दोषी करार दिया गया है।

गौरतलब है कि इसी साल उन्नाव रेप केस की पीड़िता की गाड़ी को 28 जुलाई को रायबरेली में एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसकी चाची और ड्राइवर की मौत हो गई। पीड़िता के चाचा ​जेल में बंद थे। चाचा से मिलने के लिए पीड़िता, उसकी चाची और वकील महेंद्र सिंह रायबरेली जेल जा रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी।यह हादसा रायबरेली के अतरुआ गांव के पास हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को फौरन अस्पताल भेजा। पीड़िता और परिवार वालों की सुरक्षा के लिए जो गार्ड तैनात किए गए थे, वे सफर के दौरान उनके साथ मौजूद नहीं थे।

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने उसके साथ चार जून, 2017 को अपने आवास पर दुष्कर्म किया था। नाबालिग पीड़िता वहां अपने एक रिश्तेदार के साथ उनसे नौकरी मांगने के लिए आई थी। शिकायत के बावजूद उन्नाव पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर आत्मदाह की कोशिश की थी।

रमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। विधायक का स्थानीय प्रशासन पर ऐसा दबदबा कायम था कि जब पीड़िता का पिता मामले की पैरवी करने दिल्ली से उन्नाव पहुंचा तो बजाय सुनवाई के उसके ही खिलाफ अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज कर दिया गया। माखी थाने में विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर व समर्थकों ने उसे इतना पीटा कि गंभीर रूप से घायल पिता ने दम तोड़ दिया। इस मामले में थानेदार और एक अन्य दरोगा पर केस दर्ज कर दोनों को जेल भेजा जा चुका था।

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