हाशिये का समाज

यूपी: मिर्जापुर में आदिवासी किशोरी से विवाह रचाने आये गैर बिरादरी के आधा दर्जन लोग गिरफ्तार

Janjwar Desk
2 July 2021 2:51 PM GMT
यूपी: मिर्जापुर में आदिवासी किशोरी से विवाह रचाने आये गैर बिरादरी के आधा दर्जन लोग गिरफ्तार
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(नाबालिग किशोरी के साथ विवाह रचाने आए दूल्हे सहित सात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।)

आरोपी दूल्हे भानु प्रसाद शुक्ला व छह अन्य रामजी, संतोष कुमार, करुणा निधान, जसवंत, अभिषेक, रामलखन निवासी बहिया, बहरामपुर थाना लहरपुर, जिला सीतापुर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है....

मिर्जापुर से संतोष देव गिरि की रिपोर्ट

जनज्वार ब्यूरो। सरकार कहती है कि पढ़ेंगी बेटियां तो बढ़ेंगी बेटियां...., लेकिन यह सपना कैसे साकार हो। जब आर्थिक विपन्नता, पिछड़ापन, गरीबी उनके परिजनों के लिए मुसीबत बनकर खड़ी हो, तो भला कैसे पढ़ेंगी बेटियां और कैसे बढ़ेंगी बेटियां ..? लालगंज उत्तर प्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित मिर्जापुर जनपद का अति पिछड़ा इलाका है, जंगलों पहाड़ों से घिरा होने के साथ ही साथ इसे अपने पिछड़ेपन इत्यादि के लिए भी जाना जाता है। यह क्षेत्र सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र छानबे के अंतर्गत आता है।

इस क्षेत्र से चुने जाने वाले अबतक के जितने भी जनप्रतिनिधि रहे हैं, भले ही उनकी माली हालत में सुधार हुआ है, लेकिन इस क्षेत्र के ज्यादातर वह मतदाता हैं जो दलित, आदिवासी, वनवासी, गरीब-पिछड़े हैं। उनकी दशा में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। आर्थिक विपन्नता, गरीबी, पिछड़ापन देखना हो तो यहां आकर करीब से देखा जा सकता है।

इसका दुष्परिणाम भी इन्हीं गरीब और पिछड़े तबके के लोगों को झेलना पड़ता है। कभी ताकतवरों की मार, भू-माफियाओं की प्रताड़ना तो कभी प्रशासनिक उत्पीड़न से भी इन्हें दो-चार होना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं में एक और ज्वलंत ही नहीं बल्कि अति गंभीर समस्या है बाल विवाह। सरकार की नजर में भले ही यह अपराध की श्रेणी में आता हो, लेकिन इन गरीब, आदिवासी पिछड़े परिवारों के लिए यह अपराध नहीं, बल्कि उनके लिए आम बात है।

यूं कह लें कि यह अशिक्षा, कुव्यवस्था, कुरीतियों में आज भी जकड़े होने के साथ-साथ बेटियों को भविष्य नहीं बल्कि बोझ मानते हैं। गुरुवार 1 जुलाई 2021 को एक ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिरकार यह समाज जा कहां रहा है? कब तक लिखने-पढ़ने, खेलने-कूदने की उम्र में बेटियों को उनके अरमानों का गला घोंटते हुए शादी की जंजीरों में जकड़ कर उन्हें कुचला जाएगा?

मामला मिर्जापुर जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र बिजुरी कोटा घाट गांव का है। गुरुवार को नाबालिग किशोरी के साथ विवाह रचाने आए दूल्हे सहित सात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। नाबालिग से शादी कराए जाने की जानकारी पर जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी व बाल सरंक्षण अधिकारी डा. रमेश के साथ पहुंची टीम ने पहले स्थिति को देखा। उसी दौरान पता चला कि किशोरी 11-12 वर्षीय है जो कक्षा आठवीं की छात्रा है, उसकी शादी 38 वर्षीय युवक के साथ कराई जा रही है। जिस पर तत्काल एक्शन लेते हुए लालगंज थाना पुलिस की मदद से सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी युवक ने बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र के बिजुरी कोटा घाट गांव की लड़की के साथ विवाह के लिए एक लाख रुपये देकर विवाह करने की बात हुई थी। बाल सरंक्षण अधिकारी डा. रमेश ने बताया कि इस मामले में पूछताछ के आधार पर जो जानकारी मिली वह एंटी ह्यूमन ट्रैफिंकिंग यूनिट को बता दिया गया है।

आरोपी दूल्हे भानु प्रसाद शुक्ला व छह अन्य रामजी, संतोष कुमार, करुणा निधान, जसवंत, अभिषेक, रामलखन निवासी बहिया, बहरामपुर थाना लहरपुर, जिला सीतापुर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया है। जबकि किशोरी को बाल सरंक्षण गृह भेज दिया गया है। इस दौरान बाल कल्याण टीम में चाइल्ड लाईन के शैलेन्द्र सिंह, राजलक्ष्मी यादव, पूजा मौर्य केंद्र प्रबंधक वन स्टाप सेंटर, थानाध्यक्ष लालगंज, चाइल्ड लाइन टीम, आदि एसजेपीयू, एएस पीयू पुलिस टीम मौजूद रही।

लालगंज कोतवाली पहुंचे 'जनज्वार' प्रतिनिधि ने जब किशोरी की मां से इस शादी के बारे में जानकारी चाही तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर बताया कि दूर के ही एक रिश्तेदार जो सीतापुर के ही हैं और रिश्ते में उसके भतीजी के पति हैं, उन्होंने ही इस शादी के लिए उन्हें राजी किया था। फोटो देखकर लड़के को उन्होंने पसंद किया था। 18 साल लड़के की उम्र बताई गई थी। शादी हो जाने के बाद 5 वर्षों तक लड़की का गौन रखने की बात तय की गई थी।

ठीक इसी प्रकार लड़के के पिता ने भी बताया कि उन्हें लड़की का फोटो दिखाते हुए 18 वर्ष उम्र बताया गया था। जब उनसे पूछा गया कि आप ब्राह्मण बिरादरी के हो, लड़की आदिवासी बिरादरी की है तो फिर कैसे आप शादी के लिए तैयार हुए? तो उन्होंने बताया कि हम लोगों को लड़की के भी ब्राह्मण होने के बारे में जानकारी दी गई थी। बात होने के बाद रिश्ता पक्का कर तय तिथि के मुताबिक गुरुवार 1 जुलाई 2021 को हम अपने बेटे यानी दूल्हे तथा कुछ नात-रिश्तेदारों को लेकर यहां शादी के लिए आए हुए थे। जहां लड़की पक्ष के किसी विरोधी ने पुलिस को सूचना दे दी।

हैरान करने वाली बात है कि सिर्फ फोटो देखने और बिचौलिए के कहने मात्र से ही दोनों पक्ष अपनी अलग-अलग जातियों और लड़की- लड़के की उम्र में जमीन आसमान का फर्क के होने के बाद भी शादी के लिए तैयार हो गए थे। इस मसले पर दोनों के विरोधाभासी बयान जहां मौके पर मौजूद लोगों को भी असमंजस में डाल रहे थे, वहीं तरह-तरह के सवाल भी खड़े हो रहे थे। दूसरी ओर लिखने-पढ़ने की उम्र में शादी के बंधन में बंधने जा रही किशोरी लालगंज कोतवाली परिसर में एक कुर्सी पर बैठी हुई आने-जाने वाले लोगों को एकटक निहार रही थी। उसे खुद नहीं पता था कि आखिरकार उसका जुर्म क्या है, जो वह थाने में बैठी हुई है?

कन्या पक्ष के घर पर नहीं दिखायी दिया शादी का माहौल

आस-पड़ोस के लोगों की मानें तो जिस कन्या पक्ष के दरवाजे पर सीतापुर जनपद से विवाह रचाने आए हुए लोग थाने पहुंचे हैं, उन्हें खुद यह नहीं पता था कि वह सकुशल अपने घर वापस लौटने के बजाय जेल की सलाखों के पीछे चले जाएंगे। वहीं इस शादी की भनक गांव के लोगों को भी नहीं थी। यहां तक की कन्या पक्ष के घर में भी शादी का कोई भी रस्मो रिवाज यहां तक एक मिठाई का टुकड़ा तक भी नहीं था।

शादी कराने वाले दलाल और बिचौलिए जिले में सक्रिय

जानकार सूत्रों की मानें तो मिर्जापुर जनपद के अति पिछड़े क्षेत्र लालगंज, हलिया एवं मड़िहान में गरीब तथा आर्थिक समस्याओं से झगड़े परिवार की बेटियों के हाथ पीले कराने के मामले में दलाल और बिचौलिए सक्रिय हैं, जो मोटी रकम लेकर लड़कियों की शादी तय करवाते हैं। लालगंज, हलिया के कुछ ऐसे ही लोग बताए जाते हैं जो पश्चिम के जिलों में लड़कों की शादी कराने के लिए मिर्जापुर जनपद सहित पूर्वांचल की लड़कियों का रिश्ता तय कराकर मोटी रकम लड़का पक्ष के लोगों से ऐंठते हैं। इसके लिए वह नाबालिग किशोरियों को भी दांव पर चढ़ा देते है।

जाति छुपाकर कराए जाते हैं ब्याह.....

मिर्जापुर के लालगंज क्षेत्र की एक और लड़की सीतापुर में गैर बिरादरी के व्यक्ति से ब्याही गई, इस बात की जानकारी स्वयं किशोरी की मां ने देते हुए बताया कि उसके पांच बच्चे है, वह लोग मेहनत-मजदूरी करते हैं। लालगंज थाना क्षेत्र के दुबार गांव निवासी उसके रिश्ते में मामा की नातिन जो उसकी भतीजी लगेगी सीतापुर में ब्याही है, उसी ने इस शादी के बारे में जानकारी देते हुए उसे राजी किया था।

बताया गया था कि लड़के वाले भी कोल (आदिवासी) बिरादरी के हैं, सो वह तैयार हो गई थी। वहीं दूसरी ओर लड़की के परिजनों ने बताया कि उन्हें इस शादी के बारे में जानकारी देने वाला व्यक्ति जो सीतापुर का रहने वाला है वह गिरी बिरादरी का है जो लड़की की मां के मामा के नातिन से विवाह किया है। लड़के के परिजनों के इस रहस्योद्घाटन से साफ पता चलता है कि इस प्रकार के और भी रिश्ते जाति और उम्र को छिपाते हुए पूर्व में तय किए जा चुके हैं।

अब यह जांच का विषय है कि यह रिश्ते कब और किसके साथ हुए हैं तथा इसे संपन्न कराने वाले वह लोग कौन थे? लेकिन एक बात तय है कि यदि प्रशासन ने इन मामलों में थोड़ी गहनता से जांच कराई तो किसी बड़े गैंग का भी खुलासा हो सकता है जो नाबालिग किशोरियों की शादी कराने के बहाने कम उम्र की बालिकाओं की तस्करी में लिप्त हो।

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