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Delhi Gangsters Exclusive : तिहाड़ से जुड़े हैं गोगी हत्याकांड के तार, लाखों फैन फॉलोइंग वाले गैंगस्टर्स जेल से ही ऑपरेट करते हैं जुर्म

Janjwar Desk
28 Sep 2021 9:50 AM GMT
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रोहिणी कोर्ट में मारा गया जितेंद्र गोगी, नीरज बवानिया और टिल्लू ताजपुरिया (बायें से दायें)

Delhi Gangsters Exclusive : दिल्ली में कुख्य़ात और बदनाम होने के लिए आजकल गुंडों ने एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। अब वह खुद की और अपने गैंग की मार्केटिंग सोशल मीडिया पर कर रहे हैं, वह भी खुलेआम, जो सबको दिखता है लेकिन पुलिस को नहीं...

मनीष दुबे की रिपोर्ट

Delhi Gangsters Exclusive (जनज्वार) : देश की राजधानी दिल्ली का रोहिणी कोर्ट परिसर बीती शुक्रवार 24 सितंबर को गोलियों की आवाज़ से हिल गया था। यहां की कोर्ट (206 NDPS) में पेशी पर लाए गया गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी को घात लगाकर गोलियों से भून दिया गया था। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वकील बनकर आए दो हमलावर भी स्पेशल सेल टीम द्वारा मार गिराये गये थे।

दिल्ली में अपराधियों के बीच गैंगवार कोई नई बात नहीं है। इनके बीच पहले भी ऐसे शूटआउट होते रहे हैं। बहरहाल, इनमें से ज्यादातर गैंगस्टर तिहाड़ जेल की अतिसुरक्षित हाइ सिक्योरिटी सेल में बंद हैं। और यहीं से अपना-अपना सिंडीकेट ऑपरेट कर रहे हैं। इन नामी बदमाशों को जेल के भीतर भी सभी सुविधाएं चोरी छुपे पहुँचाई जाती हैं। जो बात फिलहाल छुपी नहीं है। इसी सुविधाओं का नतीजा रोहिणी कोर्ट शूटआउट था।

सारे कुख्यात अपराधी अपने कारनामों से लोगों में दहशत बनाने के लिए सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। सभी के फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बने हुए हैं। जिनमें पेशी से लेकर जेल के भीतर समय दर समय होने वाली बदमाशों की पार्टियों को भी अपलोड किया जाता है। कई अपराधी और गैंगस्टर तो ऐसे भी हैं, जिनके कइ-कइ फैन पेज हैं और उनमें लाखों की संख्या में फॉलोवर मौजूद हैं।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर जनज्वार को बताया कि, 'दिल्ली के एक कुख्यात गैंगस्टर ने वसूली के लिए एक शख्स को फोन किया। उससे फोन पर जब सामने वाले ने पूछा कि आप कौन हैं? जिसपर गैंगस्टर का जवाब था, गूगल करके देख लो, मेरे बारे में सब पता चल जाएगा।' कुछ इसी अंदाज में आजकल गैंगस्टर और माफिया लोगों को धमका रहे हैं और इसके लिए वह धड़ल्ले से व्हाट्सएप, टि्वटर, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म का यूज कर रहे हैं।

ऐसे गैंगस्टर की अदालत में पेशी हो या फिर पैरोल पर रिहाई, इनका पुलिसिया घेरे में बनाया गया वीडियो वायरल किया जाता है और दिखाया जाता है कि गैंगस्टर और माफिया कितने खतरनाक हैं। इतना ही नही नौजवानों को अपराध की तरफ आकर्षित करने के लिए कई गैंग्स के सरगनाओं ने अपना फेसबुक पेज बनाया हुआ है। जिनके लाखों की तादाद में मेंबर हैं। इन पेजों पर लगातार वीडियो भी अपलोड किए जाते हैं। दरअसल, दिल्ली में कुख्य़ात और बदनाम होने के लिए आजकल गुंडों ने एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। अब वह खुद की और अपने गैंग की मार्केटिंग सोशल मीडिया पर कर रहे हैं, वह भी खुलेआम।

टिल्लू ताजपुरिया नीरज बवाना और जितेंद्र गोगी की प्रोफाइल

नीरज बवानिया, टिल्लू ताजपुरिया सहित पिछले दिनों मारा गया गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी जैसे न जाने कितने ही अपराधी इन दिनों सोशल मीडिया में एक्टिव हैं। वहां उनके लटके-झटके, रंगबाज़ी, फायरिंग और स्टाइल देख कर किसी छोटे-मोटे म्यूज़िक एल्बम के हीरो, मॉडल या फिर जूनियर आर्टिस्ट होने का धोखा हो सकता है। लेकिन कभी शॉट गन, पिस्टल, गोलियों के ज़खीरे और कभी हाई एंड कारों के साथ फेसबुक से लेकर यू-ट्यूब जैसे सोशल प्लेटफॉर्म पर छाये रहने वाले ये नौजवान हीरो या मॉडल नहीं बल्कि बात-बात पर ख़ून बहाने वाले दिल्ली के टॉप गैंगस्टर हैं।

दिल्ली का दाउद इब्राहिम कहा जाने वाला सबसे बदनाम गैंगस्टर नीरज सहरावत उर्फ नीरज बवानिया की सोशल मीडिया मौजूदगी पर ही नज़र डालिए तो इसके फेसबुक पर एक नहीं, बल्कि कइ एकाउंट और पेज बने हैं। इन अकाउंटों में उसकी गुंडे वाली धौंस और ठसक साफ झलकती है। इन लोगों ने अब सोशल मीडिया पर ख़ौफ़ और दहशत की मार्केटिंग तक शुरू कर दी है। वो मार्केटिंग जो उनके बाहर रहते हुए भी चलती रहती है और जेल में रहते हुए भी जारी है।

इन गैंगस्टरों पर क़त्ल से लेकर लूटपाट और किडनैपिंग से लेकर डकैती जैसे तमाम गुनाहों के बेशुमार इल्ज़ाम हैं। इनके सिर पर पुलिस ने हज़ार-बीस हज़ार से लेकर सात लाख तक के इनाम का ऐलान कर रखा है। लेकिन फिर भी ये गैंगस्टर ना तो किसी के दबाव में नज़र आते हैं और ना ही छुपते हैं। बल्कि फेसबुक से लेकर यूट्यूब और यहां तक कि कुछ के तो ट्विटर पर भी अकाउंट मौजूद हैं। ये और बात है कि यह सब, बस पुलिस को ही नज़र नहीं आता।

तिहाड़ में बंद नीरज अपना एकाउंट जेल से ही ऑपरेट कर रहा है या फिर उसने अपने सोशल मीडिया एकाउंट को मैनेज करने के लिए बाकायदा किसी को अपांइट कर रखा है। यूट्यूब पर तो उसके कई वीडियोज़ मौजूद हैं, जिनमें वो कहीं पुलिस की हिरासत दिख रहा है, तो कहीं पार्टी करते हुए नजर आता है। दिल्ली के बाकी गैंगस्टर भी सोशल मीडिया पर शेखी बघारने के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं। चाहे वो नीरज का चेला और खूंखार गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया हो या फिर उसका दुश्मन नंबर एक गोगी। इसके अलावा गैंगस्टर छेनू पहलवान के वीडियो भी यूट्यूब पर मिल जाते हैं।

दिल्ली में 30 से ज्यादा खतरनाक गैंग सक्रिय हैं। जिनमें मंजीत महाल, नीरज बवानिया, मारा गया जितेंद्र मान उर्फ गोगी और संदीप पहलवान उर्फ टिल्लू, इरफान उर्फ छेनू पहलवान, अब्दुल नासिर, हाशिम बाबा और सत्यप्रकाश उर्फ सत्ते समेत कई गैंगस्टर तिहाड़ जेल में हैं। लेकिन इन सभी का तिहाड़ के अंदर से ही बाहर की दुनिया में सिक्का और दबदबा लगातार चल रहा है। जाहिर है की सरकारी कश्ती में ही बड़ा सुराख है जो भरता भी नहीं दिख रहा।

दिल्ली कोर्ट शूटआउट का तिहाड़ कनेक्शन

तिहाड़ जेल में बैठकर रची गई गोगी के सफाए का साजिश

ताजपुर गांव का रहने वाला संदीप पहलवान उर्फ टिल्लू और जितेंद्र मान उर्फ गोगी कभी आपस में जिगरी दोस्त थे। लड़की और वर्चस्व को लेकर दोनो में रंजिश हुई। गोगी 2013 में मारे गए सात लाख के इनामी कुख्यात नीटू दाबोदिया गैंग का था। इधर टिल्लू ने नीरज बवाना गैंग ज्वाइन कर लिया। नीरज ने ही एक गैंगवार में नीटू की हत्या कर दी थी। यह सभी एक दूसरे के राइवल हैं। बताया जाता है कि, कोर्ट में गोगी को मरवाने वाले टिल्लू को नीरज ने ही सपोर्ट किया था। नीरज इससे पहले भी इस तरह की संगीन वारदातें करवा चुका है।

कौन है नीरज बवानिया?

नीरज बवानिया बवाना गांव का रहने वाला नीरज सहरावत है। छोटी उम्र में बड़े सपने देखने वाले नीरज ने पहला मर्डर भी छोटी उम्र में ही किया था। जिसके बाद वह तिहाड़ जेल चला गया था। तिहाड़ में उसकी मुलाकात दाउद के खास गुर्गे अतिकुर्रहमान से हुई। अतिकुर्रहमान से दाउद के किस्से सुन नीरज भी दाउद बनने के सपने देखने लगा। बाहर आकर उसने नीटू दाबोदिया गैंग ज्वाइन कर लिया। हनक बढ़ी तो उसने दोस्त सोनू की हत्या का बदला लेने के लिए नीटू को भी मार दिया। इस गैंगवार कइ शूटर मारे गये थे। नीरज ने गैंग की कमान संभाली और दिल्ली का सबसे बड़ा मोस्ट वांटेड बन गया। नीरज पर सात लाख से अधिक का इनाम है और उसे दिल्ली का दाउद कहा जाता है।

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