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अर्णब गोस्वामी पर अब लगा सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का आरोप, FIR दर्ज, यह है पूरा मामला

Manish Kumar
4 May 2020 2:37 AM GMT
अर्णब गोस्वामी पर अब लगा सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का आरोप, FIR दर्ज, यह है पूरा मामला
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शिकायतकर्ता के मुताबिक अर्णब गोस्वामी ने जानबूझकर 14 अप्रैल को बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास इक्ट्ठा हुए प्रवासी मजदूरों के मामले को पास ही स्थित एक मस्जिद से जोड़ दिया, जबकि मस्जिद का इस मामले से कुछ लेना देना नहीं था...

मुंबई, जनज्वार: रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी की मुसश्किलें बढ़ती जा रही हैं. शनिवार को मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है. अर्णब के खिलाफ कथित तौर पर सांप्रादायिक भवानाएं भड़काने के आरोप में पायधुनि पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक अर्णब के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले रजा एजुकेशन वेलफेयर सोसायटी के सचिव इरफान अबुबकर शेख ने आरोप लगाया है कि अर्णब ने अपने शो के जरिए मुस्लिमों के प्रति नफरत पैदा करने की कोशिश करते हुए बांद्रा की एक मस्जिद को निशाने पर लिया जिसका 14 अप्रैल को हुए प्रवासियों के प्रदर्शन से कुछ लेना देना नहीं था.

बता दें 14 अप्रैल को बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास हजारों प्रवासी मजूदर इक्ट्ठा हो गए थो जो कि अपने गांव और शहरों को जाने के लिए परिवहन व्यस्था की मांग कर रहे थे. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मई तक कोरोनोवायरस-लागू लॉकडाउन के विस्तार की घोषणा की थी।

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पुलिस को दिए अपने बयान में शेख ने कहा, रिपब्लिक चैनल ने 29 अप्रैल को बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास हुए प्रवासी मजदूरों के प्रोटेस्ट को दिखाया. इस शो की एंकरिंग अर्णब गोस्वामी कर रहे थे.

शेख ने अपने बयान में कहा, बांद्रा स्टेशन के पास जो कुछ भी हुआ उसका मस्जिद से कुछ लेना देना नहीं था. बात सिर्फ यह थी कि प्रवासी मजदूर एक मस्जिद के बाहर खुली जगह पर इक्ट्ठे हुए. लेकिन अर्णब ने शहर में सांप्रदायिक अशांति फैलाने के लिए मस्जिद पर ज्यादा ध्यान दिया. शेख ने कहा, चैनल पर यह बहस का मकसद कोविड-19 फैलने के लिए मुस्लिम समुदाय को जिम्मेदार ठहराना था. गोस्वामी ने समुदाय के खिलाफ ऐसी कई नफरत भरी टिप्पणियां कीं.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक पायधुनि पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी ने बताया, हमने अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया है. आगे की जांच जारी है. बयान दर्ज करने के बाद सबूत के तौर पर हम उस शो की फुटेज एक पेन ड्राइव में लेंगे.'

भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 153 ए, 295 ए, 500, 505 (2), 511 और 120-बी के तहत यह एफआईआर दर्ज की गई है.

हाल ही में हुए थी अर्णब गोस्वामी से पूछताछ

बता दें हाल ही सोनिया गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी से 12 घंटे से भी ज्यादा समय तक पूछताछ की थी.

गौरतलब है कि कांग्रेस की अंतिरम अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद अर्णब गोस्वामी विवादों के केंद्र में आए गए थे. अर्णब के खिलाफ मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में कई शिकायते दर्ज हो चुकी हैं. केवल छत्तीसगढ़ के सभी 28 जिलों में ही कुल 100 से ऊपर एफआईआर दर्ज़ हुईं.

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इसके खिलाफ अर्णब गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट ने 24 अप्रैल को रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनको राहत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में याचिकाकर्ता अर्णब गोस्वामी के खिलाफ 3 सप्ताह की अंतरिम सुरक्षा और कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अर्णब गोस्वामी तीन सप्ताह में अग्रिम जमानत की अर्जी दे सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी के खिलाफ सभी एफआईआर (एक को छोड़कर जो नागपुर में दायर की गई थी और जिसे अब मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया है) पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए मुंबई पुलिस आयुक्त को निर्देश भी दिए हैं. अर्नब गोस्वामी ने एफआईआर दर्ज करने के लिए किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।

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