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लॉकडाउन के बीच पंजाब में घरेलू हिंसा के मामले बढ़े, निपटने के लिये पुलिस ने बनाया प्लान

Nirmal kant
24 April 2020 3:30 AM GMT
लॉकडाउन के बीच पंजाब में घरेलू हिंसा के मामले बढ़े, निपटने के लिये पुलिस ने बनाया प्लान
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लॉकडाउन के दौरान छेड़छाड़, बलात्कार और दहेज उत्पीड़न के मामलों में काफी कमी आयी है। डीजीपी डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि इसकी वजह यह है कि हर कोई घरों में बंद है...

जनज्वार ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में लॉकडाउन के दौरान की अवधि में महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा की शिकायतों में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुयी है। स्थिति इतनी नाजुक है कि इससे निपटने के लिए पुलिस को विस्तृत प्लान बनाना पड़ रहा है। जिससे इन अपराधों में कमी लायी जा सके।

पंजाब में फरवरी से लेकर 20 अप्रैल के बीच महिलाओं के साथ होने वाले मामलों की शिकायत पहले 4,709 आती थी जो अब इसी अवधि में बढ़ कर 5,695 हो गयी है। महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में 3287 से बढ़कर 3993 हो गये हैं।

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डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पहले डायल 112 पर आने वाले शिकायतों में भी 34 प्रतिशत बढ़ गयी है। स्थिति को खराब होता देख कर डीजीपी ने सीएडब्ल्यू सेल के सभी डीएसपी और महिला हेल्प डेस्क अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की।

बैठक में तय किया गया कि आने वाली सभी शिकायतों पर ट्रैक किया जाये। इससे कार्यवाही पर नजर रखी जा सकती है। इसकी डेली रिपोर्ट तैयार की जाय।

सुश्री गुरप्रीत देव, एडीजीपी कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सीएडी) द्वारा वीसी के दौरान प्रस्तुत की गई विस्तृत रणनीति के अनुसार, पुलिस की प्रतिक्रिया तंत्र को तैयार करने के लिए एसओपी लगाए गए हैं।

बैठक ने निर्णय लिया कि डीएसपी सीएडब्ल्यू इस तरह की सभी शिकायतों को ट्रैक करने और की गई कार्रवाई की निगरानी के लिए एक परिभाषित प्रारूप में एक दैनिक रिपोर्ट भेजेगा।एक सिस्टम तैयार किया गया। इसमे अब 112 नंबर पर आने वाली हर काल को जिला कंट्रोल रूम में दिया जायेगा। तुरंत एक रिस्पांस टीम काल पर आवश्यक कार्यवाही करेगी।

पीड़ितों, और बच्चों की तुरंत काउंसलिंग करायी जाये। इससे उन्हें हालात से उभारने में मदद मिलेगी। डीजीपी ने बताया कि इस कवायद का उद्देश्य यह है कि एक तो पीड़ित ाको तुरंत मदद मिले। दूसरा इस केस को पर जल्दी से जल्दी कार्यवाही हो। इसके दो फायदे होंगे एक तो पीड़ित का बचाव होगा, दूसरा इसे तेजी से इंसाफ भी मिलेगा। इसी सोच के चलते यह सिस्टम बनाया गया है। इसकी समय समय पर चैकिंग होती रहेगी। जिससे यह पता भी चलता रहे कि इस दिशा में काम सही हो रहा है या नहीं।

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डीजीपी ने कड़ी चेतावनी भी दी कि ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की हिंसा को रोकना है। यदि कोई पुलिसकर्मी किसी भी स्तर पिर कोताही बरतता है तो उसके खिलाफ भी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी जानकारी दी गयी कि इस अवधि के दौरान रेप के मामलों में कमी आयी है। इसी तरह से छेड़छाड़ और दहेज उत्पीड़न के मामले भी नहीं आ रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि फौरीतौर पर देखने में तो यहीं लगता है कि क्योंकि लोग घरों में बंद है। पुलिस की सक्रियता ज्यादा है। इस वजह से यह अपराध कम हो रहे हैं। फिर भी इसका भी पुलिस अध्ययन कराया जाएगा कि आखिर इसकी पुख्ता वजह क्या है?

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