आईएनएक्स मामले पर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को मिली 2 लाख के मुचलके पर जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आर्थिक अपराध काफी गंभीर अपराध होते है। लेकिन जमानत का भी कानूनी प्रावधान है। कोर्ट ने कहा कि जमानत का फैसला केस की मेरिट पर निर्भर करता है और जमानत देना कानून के प्रावधान में है...
जनज्वार। आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर पिछले 105 दिनों से हिरासत में चल रहे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 2 लाख रुपए के मुचलके और बिना इजाजत विदेश ना जाने की शर्त पर जमानत दे दी है। साथ ही कोर्ट ने चिंदरबम को गवाहों के साथ मिलने और कोर्ट की इजाजत के बिना विदेश जाने पर पांबदी लगा दी है। कोर्ट ने उनपर किसी भी तरह की प्रेस क्रांफेस करने पर भी पाबंदी लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आर्थिक अपराध काफी गंभीर अपराध होते हैं लेकिन जमानत का भी कानूनी प्रावधान है। कोर्ट ने कहा कि जमानत का फैसला केस की मेरिट पर निर्भर करता है और जमानत देना कानून के प्रावधान में है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में सुप्रीम कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है लेकिन अब मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी उन्हें जमानत मिल गई है। आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने जमानत अर्जी का विरोध किया था और कहा था कि गवाहों को प्रभावित किए जाने का खतरा है। आरोपी चिंदबरम जेल में रहते हुए भी गवाहों पर प्रभाव रखते हैं।
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मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दलील दी गई कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभी तक 12 बैंक अकाउंटों की पहचान की जा चुकी है जिसमें अपराध से संबंधित रकम जमा की गई है। वहीं दूसरे देशों में संपत्ति खरीदे जाने का भी विवरण है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एक तरफ कांग्रेस पार्टी ने सत्य की जीत करार देते हुए 'सत्यमेव जयते' लिखकर ट्वीट किया है, तो भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मामले पर पी. चिदंबरम को 'जमानत पर बाहर आए लोगों का क्लब' का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि आखिरकार पी. चिदंबरम भी जमानत पर बाहर आए लोगों के क्लब का हिस्सा बन गए हैं, इसके साथ ही उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा समेत नेताओं की सूची भी जारी की, जिन्हें किसी न किसी मामले में कोर्ट से जमानत मिली है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम को 100 दिन के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। सत्य की अंत में जीत होती है।’
I welcome the Honourable SC's decision to grant bail to former Central Minister and senior Congress leader #PChidambaram ji after more than a 100 days in jail.
Truth finally prevails.
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) December 4, 2019
कांग्रेस की नेशनल मीडिया पैनलिस्ट शमा मोहम्मद ने ट्वीट कर कहा कि आखिरकार 100 दिनों तक झूठे आरोपों में जेल में रखने के बाद चिंदबरम जी को जमानत मिल गई, लेकिन मैं पूछना चाहती हूं कि उनके पूर्ण सहयोग के बावजूद पहले जमानत क्यों नहीं दी गई? सुप्रीम कोर्ट ने जमानत का फैसला करते हुए मामले की खूबियों में जाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का बखूबी साथ दिया है। अंत में सत्य ही जीत होती है।
After over 100 days of being detained on false charges, #PChidambaram gets bail. Why was he not given bail earlier despite his full co-operation? SC rightfully raps Delhi HC for going into the merits of the case while deciding bail. In the end, truth prevails!#SatyamevaJayate
— Shama Mohamed (@drshamamohd) December 4, 2019
आईएनएक्स मीडिया ग्रुप को 2007 में 305 करोड़ रुपये के विदेशी फंड प्राप्त करने के संबंध ने कथित तौर पर अनियमितता पाई गई थी। इस केस में पाया गया था कि फंड के लिए क्लीयरेंस देने में विदेश निवेश प्रोत्साहन बोर्ड में गड़बड़ियां हुई थी, उस वक्त पी चिंदबरम वित्तमंत्री थे। सीबीआई ने मई 2017 में चिदंबरम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। चिंदबरम पर पद का दुरुपयोग करने और मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है, साथ ही उनपर आईएनएक्स मीडिया समूह को लाइसेंस देने के बदले अपने पुत्र कार्ति चिदंबरम की कंपनी को मदद करने का प्रस्ताव रखने का आरोप लगा था।











