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अपने घर लौट रहे 16 मजदूरों की मालगाड़ी से कटकर मौत, थककर सो रहे थे पटरी पर

Manish Kumar
8 May 2020 3:54 AM GMT
अपने घर लौट रहे 16 मजदूरों की मालगाड़ी से कटकर मौत, थककर सो रहे थे पटरी पर
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लॉकडाउन के बाद यह सभी मजदूर अपने घर जा रहे थे . हादसे के बाद पटरी पर रोटियां बिखरी पड़ी थी जिन्हें मजदूर अपने साथ लेकर चले थे....

जनज्वार: महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक दर्दनाक हादसा हुआ है. यहां मालगाड़ी से कटकर 16 मजदूरों की मौत हो गई है. लॉकडाउन के बाद यह सभी मजदूर अपने घर जा रहे थे . हादसे के बाद पटरी पर रोटियां बिखरी पड़ी थी जिन्हें मजदूर अपने साथ लेकर चले थे.

बताया जा रहा है कि मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं. अपने गांव के लिए निकले यह मजदूर थककर पटरी पर ही सो गए थे.

औरंगाबाद के एसपी मोक्षदा पाटिल ने कहा, 'सुबह 5:15 बजे बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, एक मालगाड़ी गुजर रही थी उसके नीचे मजदूर आ गए। इसमें 16 मजदूरों की मौत हो गई। एक घायल है, 4 लोग जो दूर बैठे थे उनसे हम पूछताछ कर रहे हैं'



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पाटिल ने बताया, 'जो आदमी बचा है उसने बताया है कि ये लोग जालना से निकले थे और भूसावल जाना चाहते थे, जहां से वो ट्रेन पकड़ना चाहते थे। ये पैदल जा रहे थे, पटरी पर वो आराम करने के लिए लेटे ​थे, उनको नींद आ गई और ये हादसा हो गया'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए कहा, 'महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए रेल हादसे की खबर से मैं दुखी हूं। मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से बातचीत की है और वे इस मामले पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। सभी जरूरी मदद की जा रही है.'



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हादसे पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, 'आज 5:22 AM पर नांदेड़ डिवीजन के बदनापुर व करमाड स्टेशन के बीच सोये हुए श्रमिकों के मालगाड़ी के नीचे आने का दुखद समाचार मिला। राहत कार्य जारी है, व इन्क्वायरी के आदेश दिये गए हैं। दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूं.'

हादसे पर रेलवे ने बयान जारी कर कहा, 'सुबह तड़के ट्रैक पर कुछ मजदूरों को देखकर लोको पायलट ने ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन आखिरकार ट्रेन मजदूरों से टकरा ही गई. टना बदनारपुर और करमाड स्टेशन के बीच परभानी-मनमाड़ सेक्शन की है। घायलों को औरंगाबाद सिविल अस्पताल ले जाया गया है। जांच के आदेश दिए गए हैं।''



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देशव्यापी लॉकडाउन के चलते अंतरराज्यीय बस सेवा, यात्री, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं को 24 मार्च से निलंबित किया हुआ है। ऐसे में कई अन्य शहरों में फंसे हजारों प्रवासी श्रमिकों ने अपने पैतृक स्थानों पर लौटने के लिए पैदल ही यात्रा शुरू कर दी है।

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गौरतलब है कि रेलवे ने 1 मई से फंसे हुए प्रवासियों को उनके मूल स्थानों तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाना शुरू किया है। अब तक रेलवे 201 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला चुका है।

बता दें पिछले दिनों अपने घर पहुंचने की कोशिश में लगे मजदूरों के साथ हुए हादसे कई मामले सामने आए थे. उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक राशन लदे ट्रक पर सवार होकर अपने घर जा रहे दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मजदूर वाराणसी से झारखंड जा रहे थे। वाराणसी से निकले मजदूर बिहार के भोजपुर जिले में कोइलवर पुल पर बने बैरियर से टकरा गए, जिससे उनकी मौत हो गई। जबकि दो अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

वहीं उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सोमवार (4 मई) की देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। यहां ट्रक और टेंपो की टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए हैं। हादसे में मरने वाले सभी प्रवासी श्रमिक थे, जो अपने घर जा रहे थे।

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