Top
बिहार

बिहार के प्रवासी मजदूर भूख-बेकारी से त्रस्त और इधर भाजपा चुनाव जीतने की रणनीति बनाने में व्यस्त

Prema Negi
30 May 2020 3:30 AM GMT
बिहार के प्रवासी मजदूर भूख-बेकारी से त्रस्त और इधर भाजपा चुनाव जीतने की रणनीति बनाने में व्यस्त
x

बिहार के प्रवासी मजदूर भूख-बेकारी से त्रस्त होकर कहीं दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं तो कहीं आत्महत्या कर रहे हैं, मगर भाजपा इन सबसे बेखबर बिहार के चुनावों पर कर रही है फोकस और चुनाव जीतने की बना रही है रणनीति...

जनज्वार, पटना। कोरोना वायरस के संकट के बीच बिहार विधानसभा चुनाव को समय से कराने के लिए जहां चुनाव आयोग मंथन में जुटा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा चुनाव से पहले ही हर विधानसभा सीट की जनता तक संपर्क के लिए नए-नए तरीके खोजने में जुटी है। बिहार में 6 जून से शुरू होने वाली डिजिटल कैंपेनिंग के लिए नई-नई तकनीक का ट्रायल चल रहा है।

पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय के निर्देशन में बिहार का चुनाव हाईटेक तरीके से लड़ने की तैयारी है। नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं को टेक्नो फ्रेंडली बनाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : बिहार में 9 क्वारंटीन मजदूरों पर मुकदमा दर्ज, पानी-बिजली नहीं मिलने पर की थी शिकायत

बिहार के प्रभारी और भारतीय जनता पार्टी के नेता भूपेंद्र यादव ने बीते गुरुवार 28 मई को एक ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि राज्य में चुनाव के लिए पार्टी पूरी तरह से तैयार है। चुनाव की व्यवस्था आयोग तय करेगा, जहां तक कैंपेनिंग का सवाल है तो इसके लिए नए-नए तकनीक अपनाए जा सकते हैं।

भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव के बयान से माना जा रहा है कि पार्टी मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बिहार में डिजिटल कनेक्टिविटी पर फोकस करेगी। इससे सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए भी पार्टी अधिक से अधिक जनता तक पहुंच सकेगी।

यह भी पढ़ें : बिहार सरकार के गेहूं खरीद के वादे का बीत गया एक महीना लेकिन छपरा के 16 प्रखंडों में नहीं खरीदा गेहूं

भाजपा चुनावों की जोर—शोर से तैयारी तब कर रही है, जबकि वहां की जनता खासकर प्रवासी मजदूर भूख—प्यास, रोजगार की समस्या से जूझ रहे हैं। अब तक बिहार के सैकड़ों प्रवासी मजदूर लॉकडाउन के बाद घर लौटने की जद्दोजहद और भूख-प्यास समेत तमाम दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं।

बिहारी मजदूरों की दुर्दशा बयां करते तमाम वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो नीतीश और केंद्र की मोदी सरकार की विफलता का कच्चा चिट्टा खोल रहे हैं। बिहार के प्रवासी मजदूर भूख—बेकारी से त्रस्त होकर कहीं दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं तो कहीं आत्महत्या कर रहे हैं, इधर भाजपा चुनाव जीतने की रणनीति बनाने में व्यस्त है।

यह भी पढ़ें : आत्मनिर्भर भारत – भूख-प्यास से तड़प कर मां मौत, स्टेशन पर ही पड़ी रही लाश, जगाने की कोशिश करता रहा मासूम

भाजपा सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि बिहार यूनिट को निर्देश दिया गया है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर 30 मई को जब राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा फेसबुक लाइव करेंगे, तब राज्य के कम से कम दस लाख लोग देखें।

बिहार के कुल 243 विधानसभा क्षेत्रों में 6 जून से डिजिटल कैंपेनिंग शुरू होने वाली है। कैंपेनिंग के तहत छह से 23 जून के बीच वर्चुअल रैलियों और मीटिंग का आयोजन होगा। केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री वर्चुअल रैलियों को संबोधित करेंगे। चुनावी तैयारियों के लिहाज से भाजपा पहले ही हर विधानसभा क्षेत्र के लिए प्रभारियों की नियुक्ति कर चुकी है।

यह भी पढ़ें : गुजरात मॉडल – वडोदरा के कोरोना हॉस्पिटल में 12 घंटे तक बिजली रही गुल, वेंटिलेटर पर थे 6 कोरोना मरीज

भाजपा बूथ मैनेजमेंट पर भी फोकस कर रही है। सप्तर्षि योजना के तहत हर बूथ पर 7 अलग-अलग वर्गो के व्यक्तियों को लेकर टीम बनाई जा रही है, ताकि हर बूथ पर सभी वर्गों का वोट मिल सके। हर बूथ की कमेटी में एक महिला को भी शामिल करना अनिवार्य है।

Next Story

विविध

Share it