Top
समाज

दिल्ली उपद्रव में मरने वालों की संख्या हुई 35, लाशों के मिलने का सिलसिला जारी

Prema Negi
27 Feb 2020 8:01 AM GMT
दिल्ली उपद्रव में मरने वालों की संख्या हुई 35, लाशों के मिलने का सिलसिला जारी
x

कल बुधवार 26 फरवरी को एक नाले से आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा का बुरी तरह से क्षत—विक्षत शव बरामद हुआ था। इसके बाद अब गगनपुरी के एक नाले से दो अन्य शव भी मिले हैं, जिसके बाद मौतों की संख्या बढ़कर 35 पार कर चुकी है....

जनज्वार। दिल्ली में पिछले 3-4 दिनों यानी 24 फरवरी से मचे तांडव का नंगा नाच अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 35 लोगों की मौतों का आंकड़ा सामने आया है, जबकि अभी तक दर्जनों लोगों के गायब होने की सूचना है। आज 27 फरवरी को नाले में 2 और लाशें मिलने से मरने वालों की संख्या 35 हुई है।

ल बुधवार 26 फरवरी को एक नाले से आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा का बुरी तरह से क्षत—विक्षत शव बरामद हुआ था। इसके बाद अब गगनपुरी के एक नाले से दो अन्य शव भी मिले हैं, जिसके बाद मौतों की संख्या बढ़कर 35 पार कर चुकी है। अस्पतालों में गंभीर रूप से घायल 5 लोगों के भी दम तोड़ने की सूचना है। पुलिस ने अब तक लगभग 130 लोगों को गिरफ्तार किया है और कई अन्य की गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

संबंधित खबर : 2002 गुजरात दंगों की याद दिलाती है दिल्ली के भजनपुरा इलाके की यह तस्वीर

ह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा होने की संभावना है। गंभीर रूप से घायलों की संख्या 300 पार कर चुकी है, जिनमें से कई जिंदगी और मौत के बीच में झूल रहे हैं। घायलों में लगभग 60 पुलिसवाले भी शामिल हैं। मरने वालों में भी पुलिसकर्मी शामिल हैं और कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दंगा प्रभावित क्षेत्रों की आम जनता का कहना है कि अब तक लगभग 100 लोग इस दंगे की भेंट चढ़ चुके हैं, जिनका ठीक—ठीक आंकड़ा मीडिया में भी सामने नहीं आ पा रहा है।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA को लेकर नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर और चांदबाग में 24 और 25 ​फरवरी को लगातार हिंसा हुई, जिसकी वजह से प्रशासन ने धारा 144 लगा दी है और पुलिस की भारी तैनाती की है।

यह भी पढ़ें : मोदी ने दिल्ली दंगों पर आखिरकार अंग्रेजी में जताया अफसोस, देखना हो तो ट्वीटर पर जाइए

सके अलावा उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, बाबरपुर, कर्दमपुरी, सुदामापुरी, घोंडा चौक, करावल नगर, मुस्तफाबाद, चांदबाग, नूरे इलाही, भजनपुरा और गोकलपुरी इलाकों में भारी हिंसा फैली, यहां लगातार तनाव जारी है। इन इलाकों में मुस्लिमों को टारगेट कर उनकी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। कल 25 फरवरी को कर्दमपुरी और सुदामापुरी इलाके में दिनभर रुक-रुककर पथराव और फायरिंग होती रही, जिसके बाद इन इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया।

यह भी पढ़ें : CAA समर्थकों ने कोलकाता में महिला फिल्म मेकर को दी जिंदा जलाने की धमकी

रावल नगर में मुख्य सड़क पर चांदबाग इलाकों में दुकानों और मकानों को आग के हवाले किया गया। सोशल मीडिया पर हिंसा के कई वीडियो वायरल हुए, जिसमें दंगाई मुस्लिम घरों का दरवाजा तोड़ घुसते नजर आ रहे हैं तो कहीं मस्जिद पर भगवा झंडा लहरा रहे हैं। इसके अलावा चांदबाग इलाके का कहा जा रहा एक वीडियो में एक मुस्लिम नौजवान को घसीटते हुए लोग नारे लगा रहे हैं। जिसमें युवा के शरीर में मात्र अंडरवियर बचा हुआ है और वह खून से लथपथ है। यहां नूरे इलाही में फायरिंग भी हुई। गोकलपुरी में एक मस्जिद को आग के हवाले किया गया। अशोकनगर इलाके में भी एक मस्जिद को आग के हवाले कर दिया गया। घरों में तोड़फोड़, पथराव के साथ फायरिंग की गयी। घोंडा चौक पर मिनी बस, बाइक समेत अन्य वाहनों में आग लगा दी गई।

संबंधित खबर : हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा, हमने नहीं देखा कपिल मिश्रा का भड़काऊ भाषण वाला वीडियो

स्पताल में भर्ती दर्जनों लोगों की हालत काफ़ी गंभीर बनी हुई है। हिंसा को लेकर अलग-अलग थानों में 18 एफ़आईआर दर्ज की गई है और 130 उपद्रवियों को निशानदेही पर गिरफ़्तार करने की बात पुलिस की तरफ से कही जा रही है। पुलिस का कहना है कि बुधवार 26 फरवरी को कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई, हालांकि रात के वक़्त मौजपुर समेत कुछ इलाक़ों में छिटपुट हिंसा की ख़बरें ज़रूर आईं हैं।

यह भी पढ़ें : ‘दामाद को देखने अस्पताल जा रहा था और मुझे भीड़ ने दाढ़ी पकड़कर घसीट लिया’

दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान लगातार संवेदनशील इलाक़ों में गश्त लगा रहे हैं। दिल्ली धीरे-धीरे पटरी पर लौटती दिख रही है, मगर तनाव अब भी बना हुआ है। इस मामले में सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता के साथ अब एडिशनल सलिस्टर जनरल मनिंदर आचार्य और वरिष्ठ वकील रजत नैय्यर भी सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का पक्ष रखेंगे। बुधवार 26 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अभियोजन दिल्ली सरकार के पास है, इसलिए दिल्ली पुलिस की तरफ से बहस सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता नहीं कर सकते हैं।

Next Story

विविध

Share it