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जनज्वार exclusive : MCU में धरना दे रहीं छात्राओं से मिलने पहुंची प्रज्ञा ठाकुर के विरोध में लगे 'आतंकवादी गो बैक' के नारे

Nirmal kant
25 Dec 2019 3:17 PM GMT
जनज्वार exclusive : MCU में धरना दे रहीं छात्राओं से मिलने पहुंची प्रज्ञा ठाकुर के विरोध में लगे आतंकवादी गो बैक के नारे
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माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रज्ञा ठाकुर के सामने लगाए 'आतंकवादी गो बैक' के नारे, विश्वविद्यालय परिसर में नहीं घुसने दिया...

भोपाल से रोहित शिवहरे की ग्राउंड रिपोर्ट

जनज्वार। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ 'आतंकवादी गो बैग' और 'गोडसे मुर्दाबाद' के नारे लगाकर उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया गया। इस दौरान दो घंटे तक साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर यूनिवर्सिटी गेट पर ही खड़ी रही। एनएसयूआई की ओर से प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेडे, जिलाध्यक्ष आशुतोष चौकसे सहित एनएसयूआई कार्यकर्ता वहां पर मौजूद थे।

नएसयूआई जिला अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने 'जनज्वार' से बातचीत में कहा कि जिन दो छात्राओं को परीक्षा देने से वंचित रखा गया है, हम लगातार उनके संपर्क में थे और विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील कर रहे थे कि वे उन्हें परीक्षा देने दें। लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में हम ऐसे किसी भी व्यक्ति को अंदर नहीं घुसने देंगे जो नाथूराम गोडसे जिंदाबाद के नारे लगाता हो और खुद आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहा हो, चाहे वह सांसद ही क्यों ना हो।

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छात्रा श्रेया पांडे बताती हैं, 'लिखित आदेश दिए बिना मेरा और मनु शर्मा का नाम काट दिया गया। हमसे कहा गया कि चूंकि अब हम विश्वविद्यालय की छात्रा हैं ही नहीं तो यूनिवर्सिटी प्रशासन की हमारे प्रति कोई भी जवाबदारी नहीं बनती है। हमें बाद में पता चला कि सितंबर में ही हमारा नामांकन निरस्त कर दिया गया था जिससे हम परीक्षा में सम्मिलित भी नहीं हो पा रहे थे और हमें विश्वविद्यालय प्रशासन कोई जवाब भी नहीं दे रहा था। इसके विरोध में धरने पर बैठे हुए थे।

वे आगे कहती हैं कि हम 24 दिसंबर की शाम से ही धरने पर बैठे हुए थे। हमने अपने एचओडी से कई बार फोन पर बात करनी चाही, मिलना चाहा लेकिन हमारी उनसे बात नहीं हो पाई। आज प्रशासन के कई लोग हमसे मिलने आए लेकिन हमारे विभागाध्यक्ष मिलने नहीं आए और ना उन्होंने हमसे कोई बात की है।

विश्वविद्यालय की तरफ से जारी बयान में यह बताया गया है कि दोनों छात्राओं से जुलाई-अगस्त 2018 में लिखित प्रमाण पत्र लिया गया था कि दोनों को विश्वविद्यालय में 75% उपस्थिति दर्ज करानी पड़ेगी तभी उन्हें परीक्षा में सम्मिलित होने दिया जाएगा। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं के पूर्व भी दोनों छात्राओं की उपस्थिति कम होने के बाद दोनों छात्राओं ने लिखित में आवेदन दिया था उसी के बाद दोनों छात्राओं को दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने दिया गया था। क्योंकि दोनों विद्यार्थियों की उपस्थिति इस सेमेस्टर में विश्वविद्यालय में शून्य रही है इसीलिए विश्वविद्यालय की ओर से दोनों विद्यार्थियों को तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा में सम्मिलित नही होने दिया गया हैं। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों विद्यार्थियों के एफिडेविट और आवेदन की कॉपी भी जारी की है।

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सके बाद देर शाम विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक आदेश जारी कर जानकारी दी कि विशेष मानवीय आधारों पर छात्रा मनु शर्मा और श्रेया पांडे को मई 2020 में होने वाली परीक्षा में तीसरे व चौथेसेमेस्टर की परीक्षा साथ में देनी दी जाएगी। पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उस पर एक शर्त रखी है छात्राओं को विश्वविद्यालय के नियमानुसार नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराने के विषय में एफिडेविट जमा करना होगा। साथ ही चौथे सेमेस्टर में नियमित रूप से कक्षाएं अटेंड करनी होगी।

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