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अलगाववादी मकबूल भट की बरसी पर घाटी में इंटरनेट बंद, सभी जिलों में भारी संख्या में तैनात किए गए सुरक्षाबल

Nirmal kant
11 Feb 2020 12:37 PM GMT
अलगाववादी मकबूल भट की बरसी पर घाटी में इंटरनेट बंद, सभी जिलों में भारी संख्या में तैनात किए गए सुरक्षाबल
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file photo

आतंकी मकबूल भट की बरसी पर घाटी के सभी जिलों में लगी इंटरनेट पर पाबंदी, किसी भी तरह के प्रदर्शन को रोकने के लिए बड़ी संख्या में तैनात किए गए सुरक्षाबल...

श्रीनगर से फैजान मीर की रिपोर्ट

जनज्वार। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक और अलगाववादी मकबूल भट की बरसी पर मंगलवार को घाटी में इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं।

धिकारियों ने कहा कि सामान्य जीवन यहां प्रभावित रहा। कश्मीर घाटी में 2 जी मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया और श्रीनगर के कुछ हिस्सों में हल्के प्रतिबंध लगाए गए।

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कबूल भट को 11 फरवरी 1984 को दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया गया था। घाटी के सभी जिलों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। साथ ही किसी भी प्रदर्शन को रोकने के लिए एहतियाती तौर पर शहर और सिविल लाइन के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध लगाए गए हैं।

style="text-align: left">दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद थे, हालांकि शहर में प्रतिबंध मुक्त क्षेत्रों में सड़कों पर सार्वजनिक और निजी वाहनों की अच्छी संख्या देखी गई है।

घंटाघर और ऐतिहासिक लाल चौक की ओर जाने वाली सड़क को प्रतिबंधित किया गया है। लोगों को वैकल्पिक एमए सड़क लेने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।

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कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर कश्मीर घाटी में रेल सावाओं को भी रद्द कर दिया गया। पिछले साल 5 अगस्त 2019 को 370 को रद्द करने और जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद रेल यातायात को करीबन 100 दिनों तक सबसे अधिक समय के लिए रद्द करना पड़ा था। हालांकि, बाद में सेवाओं को 26 नवंबर, 2019 में पुन: चालू कर दिया गया था।

पहले रविवार को, अधिकारियों ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी के दौरान 2जी सेवाओं को रद्द कर दिया था।

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