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Kanpur News: जिस लापता छात्र क़ो तलाश रहे हो वो लाश बनकर जंगल में पड़ा है- इस लास्ट कॉल में अटकर फेल हुई कानपुर पुलिस

Janjwar Desk
6 Nov 2022 4:19 AM GMT
Kanpur News: जिस लापता छात्र क़ो तलाश रहे हो वो लाश बनकर जंगल में पड़ा है- इस लास्ट कॉल में अटकर फेल हुई कानपुर पुलिस
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Kanpur News: सूचना देने वाले ने सीधे ये बोला था कि, 'जिस लापता छात्र की तलाश कर रहे हो उसकी लाश चंदारी के जंगल में रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ी है।' सवाल है कि सूचना देने वाले को कैसे पता चला कि रोनिल सरकार की तलाश चल रही है। क्योंकि, रोनिल ही था, जो लापता था...

Kanpur News: उत्तर प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन चुका कानपुर है कानपुर का (Ronil Sarkar Murder Case) रोनिल सरकार हत्याकांड। स्कूल के लिए निकले 12वीं कक्षा के छात्र रोनिल सरकार (Ronil Sarkar) की चंदारी के जंगल में लाश पाए जाने के बाद पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं तलाश पाई है। हालांकि इस बीच एक ऐसी फ़ोन कॉल सामने आयी है, जिसे पुलिस बेहद संदिग्ध मान रही है। इनपुट है कि ये वो कॉल है, जिसके माध्यम से रोनिल का शव पड़े होने की सूचना स्कूल के डॉट फोन पर दी गई थी। पुलिस की एक टीम इस बिंदु पर पड़ताल कर सूचनाकर्ता के बारे में जानकारी जुटा रही है। लेकिन 6 दिन बाद भी कानपुर पुलिस (Kanpur Police) खाली हाथ सिर्फ हवा में हाथ-पांव चला रही है।

श्यामनगर डी-ब्लॉक दिव्य धाम अपार्टमेंट में रहने वाले संजय सरकार का 18 वर्षीय पुत्र रोनिल सरकार डॉ. वीरेंद्र स्वरूप स्कूल की श्यामनगर शाखा से पढ़ाई कर रहा था। बीती सोमवार को स्कूल से निकलने के बाद रोनिल लापता हो गया था। दूसरे दिन यानी मंगलवार क़ो रेलवे ट्रैक किनारे चंदारी के जंगल में रोनिल का शव पड़ा हुआ मिला था। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मामले में पुलिस ने एक लड़की समेत तीन छात्रों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में पुलिस ने कुछ और लोगों क़ो उठाया था। जिसके बाद लड़की समेत 8 लोगों से पूछताछ की जा रही है। हिरासत में ली गई लड़की रोनिल के साथ कोचिंग में पढ़ती थी और कुछ महीने पहले दोनो के बीच बातचीत होनी बंद होे गई थी।

अंदाजन हाथ-पांव मार रही कानपुर पुलिस

शहर में बढ़ रहा है आक्रोश

रोनिल सरकार हत्याकांड में आज 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अब तक पुलिस ना तो कोई साक्ष्य जुटा सकी है ना ही कोई ठोस सुराग। पुलिस का सर्विलांस हो या मुखबिर तंत्र सब फेल साबित हुआ है। हाइटेक दावों ने पुलिस तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस ने सबसे पहले रोनिल के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली। जिसमें युवती का नंबर मिला। आशनाई में हत्या के शक पर जांच हुई। एक फोन कॉल पर शव पड़े होने की सूचना दी गई, उसे भी शक में शामिल किया गया। अब पुलिस यह जांच रही है की किसी नशेबाज ने तो घटना को अंजाम नहीं दिया है।

फ़ोन कॉल पर अटकी पुलिस कि सुई

पुलिस की छानबीन में सामने आया है की, मंगलवार सुबह 8 से 8:10 बजे के बीच स्कूल के लैंडलाइन पर एक शख्स ने कॉल की थी। उसने बोला कि...जिस बच्चे को ढूंढ रहे हो उसकी लाश रेलवे ट्रैक किनारे जंगल में पड़ी है। बस यही बात पुलिस को खटक रही है, क्योंकि अमूमन ऐसी स्थिति में लोग पुलिस को सूचना देते हैं। सूचनाकर्ता को स्कूल का नंबर कहां से मिल गया। यह संदेह के घेरे में बना हुआ है।

फ़ोन कॉल में क्या कहा जो संदेह बन गया?

सूचना देने वाले ने सीधे ये बोला था कि, 'जिस लापता छात्र की तलाश कर रहे हो उसकी लाश चंदारी के जंगल में रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ी है।' सवाल है कि सूचना देने वाले को कैसे पता चला कि रोनिल सरकार की तलाश चल रही है। क्योंकि, रोनिल ही था, जो लापता था। इन सभी वजहों से सूचनाकर्ता संदेह के दायरे में आ गया है।

न सबूत ना सुराग हवा में हाथ मारती पुलिस

पुलिस को आशंका है कि हत्यारा रोनिल का ही कोई करीबी है, जिसको पता था कि वह श्यामनगर स्थित स्कूल में वह पढ़ता है। उसके पास स्कूल का नंबर भी था। जिसके चलते उसने आसानी से वारदात को अंजाम दिया और फिर खुद ही स्कूल में फ़ोन कर सूचना दे दी। पुलिस अब तक एक युवती समेत करीब आठ लोगों से पूछताछ कर चुकी है लेकिन कोई खास जानकारी हासिल नहीं हुई है।

डीसीपी पूर्वी (DCP East) रविंद्र कुमार ने जनज्वार (janjwar) क़ो बताया कि उस कॉल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जो सूचना देने के लिए की गई थी। स्कूल के लैंडलाइन नंबर की सीडीआर (CDR) टेलीकॉम कंपनी से मांगी गई है।

स्कूल में हुई तोड़-फोड़

शनिवार शाम को परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर तथ्य छिपाने और जानकारी ना देने पर नाराज हो गये। जमकर हंगामा हुआ और स्कूल के भीतर रखे गमले फेंक दिये गये। प्रिंसिपल से लोगों की तीखी नोक-झोक हुई। दो घंटे तक चली इस बहसी बहसा के बाद किसी तरह मामला शांत हो सका। परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन छात्र की हत्या की जानकारी मिलने का बाद भी स्कूल बंद नहीं किया गया। इसके अलावा स्कूल वालों ने पीड़ित परिजनों का हाल तक नहीं जाना।

स्कूल में टूटे पड़े गमले

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि, हत्याकांड के खुलासे का प्रयास जारी है। अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। फिलहाल अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद है जल्द सुराग लगेगा और वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तफ्तीश की जा रही है।

अब तक 60 से अधिक कैमरे खंगाल चुकी पुलिस

कानपुर पुलिस ने हत्याकांड के सुराग निकालने के लिए घटनास्थल से लेकर 60 से अधिक CCTVकैमरे खंगाले। इनमें कुछ CCTV मिले हैं जिनमें रोनिल श्यामनगर पुल के नीचे से पैदल जाता हुआ दिखाई दिया है। इसके आगे पुलिस अब घटनास्थल के आस-पास लगे कैमरे खंगाल रही है। ACP कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि अभी तक जो CCTV फुटेज मिले हैं, उनमें रोनिल स्कूल से निकलता हुआ दिखा है। छप्पन भोग चौराहा की तरफ जाता दिखा है।

प्राथमिक संदेह में रही ये लड़की

पुलिस के मुताबिक मृतक के मोबाइल में लड़की की कई फोटो मौजूद थीं। युवती के इंस्टाग्राम अकाउंट में से भी रोनिल सरकार के साथ तस्वीरें पोस्ट की गई थीं। जिसे पुलिस ने रिकवर किया है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को युवती और युवकों से पूछताछ में की अहम सुराग मिले हैं। जिसपर पुलिस काम कर रही है। उठाये गये युवक रोनिल के सहपाठी हैं। जो लड़की से भी परिचित हैं। कमिश्नर बीपी जोगदंड (BP Jogdand) ने बताया कि छात्र के बैग की तलाशी लेने पर उसकी एक कॉपी में लिप्स (Lips) के निशान मिले हैं। यह निशान कैसे बनाए गये, और किसने बनाए इसकी जानकारी जुटाई जा रही है?

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