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समाज

साल 2021 में ईसाई समुदाय के खिलाफ हुईं 300 से ज्यादा हिंसा की घटनाएं, शीर्ष पर उत्तर प्रदेश

Janjwar Desk
31 Dec 2021 6:04 PM IST
साल 2021 में ईसाईयों के खिलाफ हुईं 300 से ज्यादा हिंसक घटनाएं
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(साल 2021 में ईसाईयों के खिलाफ हुईं 300 से ज्यादा हिंसक घटनाएं)

Year 2021 : साल देश में ईसाई समुदाय के साथ हिंसा की 300 से अधिक घटनाएं सामने आई हैं, इनमें उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा....

आलोक कुमार की रिपोर्ट

Year 2021 : इस साल देश में ईसाई समुदाय के साथ हिंसा की 300 से अधिक घटनाएं सामने आई हैं, इनमें उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा। वहीं आज साल के अंतिम दिन ईसाई समुदाय चर्च में जाकर आराधना करेंगे और मिस्सा के दौरान प्रार्थना करेंगे। जैसे ईसा मसीह ने अपनी मृत्यु की पीड़ा के समय अपने विरोधियों के बारे में ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा (ईसा मसीह के वचन) था – "प्रभु इन्हें क्षमा करना क्योंकि ये नहीं जानते की ये क्या कर रहे है।" इन बातों को ईसाई समुदाय दोहराएंगे। इस समय देश में सुनियोजित ढंग से धर्म परिवर्तन कराने के नाम पर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किया जा रहा है।

बता दें कि 'क्रिश्चियन अंडर अटैक' रिपोर्ट को स्वतंत्र पत्रकार अलिशान जाफरी, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन, यूनिटी ऑफ कम्पैशन से मिनाक्षी सिंह, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के लईक अहमद खान और नदीम खान ने तैयार किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारत में ईसाइयों के खिलाफ होने वाले हमले पिछले नौ महीनों में तेज़ी से बढ़े हैं। एक जनवरी 2021 से सितम्बर 2021 के बीच उत्तर प्रदेश में 66, छत्तीसगढ़ में 47, झारखण्ड में 30 और मध्य प्रदेश में 26 मामले सामने आए हैं। यानी केवल इन चार राज्यों में ही बीते नौ महीनों में ईसाइयों के खिलाफ हिंसा की 169 घटनाएं हुई हैं।

उत्तर प्रदेश में ईसाइयों के खिलाफ सबसे अधिक 66 हिंसक मामले दर्ज किए गए हैं। इस पर नदीम खान न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं, "ये सुनियोजित हमले हैं। ये स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया नहीं हो सकती। सत्ताधारी दल के समर्थन के बिना कोई भी ऐसी घटनाओं की उम्मीद नहीं कर सकता। चुनाव भी नजदीक हैं। पिछले महीने हमने मुस्लिम मौलवियों को धर्मांतरण के लिए निशाना बनाते देखा है। अब ईसाइयों के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। 'धर्मांतरण' एक राजनीतिक गिमिक है। पिछले कई महीनों से हिंदू युवा वाहिनी उत्तर प्रदेश में इस काम को देख रही है। बता दें कि हिंदू युवा वाहिनी की शुरुआत स्वयं यूपी की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी।"

इस रिपोर्ट के अनुसार यूपी के शाहजहांपुर, रायबरेली, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, आजमगढ़ आदि जगहों पर ईसाईयों को डराया-धमकाया गया है। जब उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की तो प्रशासन द्वारा उल्टा उनपर ही मामला दर्ज कर लिया गया।

इसके अतिरिक्त, अन्य राज्यों- बिहार (19), ओडिशा (15), महाराष्ट्र (13), तमिलनाडु (12), गुजरात (9), पंजाब (8), आंध्र प्रदेश (5), हरियाणा (5), उत्तराखंड (5), दिल्ली (3), तेलंगाना (2), पश्चिम बंगाल (2), राजस्थान (2), असम (1) और हिमाचल प्रदेश (1) में भी ईसाईयों के खिलाफ हिंसा हुई है। साथ ही दक्षिण राज्य कर्नाटक में ईसाइयों के खिलाफ हिंसा की एक बड़ी संख्या देखने को मिली है। कर्नाटक में इसी अवधि में 32 घटनाएं दर्ज हुई हैं।

अलविदा 2021 साल और स्वागत 2022 के अवसर पर चर्च में विशेष आराधना, प्रार्थना और मिस्सा किया जाएगा। संत जोसेफ प्रो कैथेडल चर्च में शाम 31 दिसंबर को आराधना के बाद 5:00 से मिस्सा। 01 जनवरी की सुबह 7:00 बजे से मिस्सा होगा। ककड़बाग पैरिश चर्च में 31 दिसंबर को आराधना के बाद शाम 5:00 से मिस्सा। 01 जनवरी की सुबह 7:00 बजे से मिस्सा होगा। पटना सिटी पादरी की हवेली में 31 दिसंबर को आराधना के बाद रात्रि 10:00 से मिस्सा।

01 जनवरी की सुबह 8:00 बजे से होगा। फुलवारीशरीफ चर्च में 31 दिसंबर को आराधना के बाद शाम 06:00 से मिस्सा। 01 जनवरी की सुबह 8:00 बजे से होगा। सेक्रेट हार्ट चर्च, बिहारशरीफ 31 दिसंबर को आराधना के बाद शाम 06:00 से मिस्सा।01 जनवरी की सुबह 9 :00 बजे से होगा।मिस्सा फादर प्रेम प्रकाश अर्पित करेंगे।

प्रेरितों की रानी ईश मंदिर,कुर्जी में 31 दिसंबर को पहला मिस्सा शाम 7.00 बजे से पवित्र युखरिस्त की आशिष के साथ शुरू होगा। इसका नेतृत्व फादर राजीव रंजन करेंगे।दूसरा मिस्सा रात 10.00 बजे से पवित्र युखरिस्त की आशिष साथ शुरू होगा। इसका नेतृत्व फादर सेल्विन जेवियर करेंगे। 01 जनवरी सुबह पहला मिस्सा 7.00 बजे से फादर पीयुस माइकल करेंगे और दूसरा मिस्सा सुबह 8.30 बजे से फादर नॉबर्ट मैनेजिस करेंगे।

पटना वीमेंस कॉलेज में 01 जनवरी की सुबह 7:00 बजे से मिस्सा होगा। चकारम पैरिश चर्च में 01 जनवरी की सुबह 7:00 बजे से मिस्सा होगा। चर्च के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए चर्च में बिना मास्क के नहीं आयें।

प्रेरितों की रानी ईश मंदिर, कुर्जी के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर पीयुस माइकल का कहना है कि किसी भी भक्त को गिरजाघर के परिसर में गाड़ी लाने की अनुमति नहीं है।दूसरे मिस्सा के बाद 11.00 बजे दिन से पूरे दिन भीड़ रोकने के लिए मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा। कोई इमरजेंसी होने पर पल्ली पुरोहित से फोन पर संपर्क करें।

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