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Bihar Politics: बिहार में महागठबंधन टूटा, 2024 में 40 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

Janjwar Desk
22 Oct 2021 8:01 AM GMT
Bihar Politics: बिहार में महागठबंधन टूटा, 2024 में 40 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
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(2024 लोकसभा चुनाव में बिहार के 40 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस)


कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार की सभी 40 संसदीय सीटों पर अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इसी के साथ कांग्रेस प्रभारी ने साफ किया कि आरजेडी ने महागठबंधन धर्म का पालन नहीं किया...

Bihar Politics: बिहार में तारापुर और कुशेश्वरस्थान उपचुनाव (Kushwshwarsthan Bypolls)में सीटों को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच जो तकरार शुरू हुई थी वो अब दोनों पार्टियों को टूट का कारण बन गई है। जानकारी के मुताबिक, बहुत जल्द कांग्रेस लोकसभा की 40 सीटों पर बिहार में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकती है। इसी के साथ बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आने की संभावना है।

शुक्रवार, 22 अक्टूबर को उपचुनाव के प्रचार को लेकर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar)और हार्दिक पटेल के बिहार दौरे के बीच प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास ने पटना पहुंचते ही बड़ा बयान देकर ये साफ कर दिया है कि राजद और कांग्रेस के रास्ते अब अलग हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि महागठबंधन टूटने का बस अब औपचारिक ऐलान भर होना बाकी है। पटना एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम चुनाव जमकर लड़ रहे हैं और अपनी ताकत पर लड़ रहे हैं। कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार की सभी 40 संसदीय सीटों पर अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इसी के साथ कांग्रेस प्रभारी ने साफ किया कि आरजेडी ने महागठबंधन धर्म का पालन नहीं किया और इस वजह से उपचुनाव में कांग्रेस अकेले ही पूरी ताकत से लड़ रहे हैं।

कांग्रेस ने राजद को कहा टूट का जिम्मेदार

बिहार में उपचुनाव का ऐलान होते ही कांग्रेस और राजद (Congress and RJD in Bihar)में रसा कस्सी का दौर शुरू हो गया था। राजद तारापुर और कुशेश्वरस्थान की दोनों सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी। लेकिन, कांग्रेस भी जदयू के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन करना चाहती थी। दोनों पार्टियों की बीच जब बात नहीं बनीं और राजद ने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए तो कांग्रेस भी पीछे नहीं रही। कांग्रेस ने उपचुनाव में दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

आज यानि, शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पटना पहुंचे तो मीडिया से बात की और इस बात पर मुहर लगा दी कि महागठभंधन अब टूट चुका है। दोनों पार्टियों ने अपने रास्ते अलग कर लिए हैं। लेकिन कांग्रेस इस टूट की वजह राजद को बताती है। आज कांग्रेस प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास से जब राजद सांसद मनोज झा को कांग्रेसियों का संघी माने जाने पर सवाल किया तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह सब हम नहीं जानते हैं। हम बस इतना जानते हैं कि कांग्रेस ने गठबंधन नहीं तोड़ा। भक्त चरण दास ने तो यहां तक कह दिया कि उपचुनाव के बाद आरजेडी(RJD) भाजपा से हाथ मिला लेगी। जाहिर है कि टूट के बाद अब आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला आगे भी जारी रहने वाला है।

कांग्रेस को मिला पप्पू यादव का सहारा

आपको बता दें कि बिहार में कांग्रेस और राजद का गठबंधन पिछले तीन दशक से चला आ रहा है। लेकिन, लालू यादव के बाद बेटे तेजस्वी यादव को जब से राजद पार्टी की जिम्मेदारी मिली है तब से कांग्रेस के साथ रिस्ते ठीक नहीं चल रहे। अब तो कांग्रेस ने RJD से पूरी तरह से किनारा कर लिया है। शुक्रवार, 22 अक्टूबर को प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास ने भी टूट के कयासों पर मुहर लगा दी। लेकिन, ये पुष्टि कांग्रेस द्वारा जाप प्रमुख पप्‍पू यादव से मिलाकात के बाद की गई है।

बता दें कि जाप पार्टी प्रमुख पप्पू यादव (Pappy Yadav)ने उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन दे दिया है। पटना में उनकी भक्‍तचरण दास से मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद भक्‍त चरण दास ने कहा कि पप्पू यादव के समर्थन से कांग्रेस को चुनाव में मजबूती मिलेगी। यानि स्थानीय चेहरे के तौर पर पप्पू यादव अब बिहार में कांग्रेस की पकड़ को मजबूत बनाएंगे।



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