विमर्श

Gautam Adani : 2.2 ट्रिलियन के सबसे बड़े कर्जदार पूंजीपति हैं अडानी, अगर वो देश छोड़कर भाग गए तो क्या होगा?

Janjwar Desk
11 July 2022 1:29 PM GMT
Gautam Adani : 2.2 ट्रिलियन के सबसे बड़े कर्जदार पूंजीपति हैं अडानी, अगर वो देश छोड़कर भाग गए तो क्या होगा?
x

Gautam Adani : 2.2 ट्रिलियन के सबसे बड़े कर्जदार पूंजीपति हैं अडानी, अगर वो देश छोड़कर भाग गए तो क्या होगा?

Gautam Adani : 2.2 ट्रिलियन का कर्ज जहां मात्र अडानी की कंपनी के पास है, वहीं दूसरी ओर भारत का कुल रिजर्व ही 4.7 ट्रिलियन रुपये का है, इसका सीधा मतलब कि रिजर्व का लगभग आधा पैसा देश की एक कंपनी के हाथों में गया है...

दिनकर कुमार का विश्लेषण

Gautam Adani : अडानी ग्रुप देश में तेजी से कारोबार फैलाने वाला बिजनेस समूह है। मौजूदा समय में ग्रुप के अंतर्गत अडानी एंटरप्राइज, अडानी पावर, अडानी ग्रीन, अडानी ट्रांसमिशन, अडानी गैस और अडानी पोर्ट है। अंबानी ग्रुप की सभी कंपनियों पर 2.18 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है।

दरअसल वित्त वर्ष 2021-22 के अंत यानी मार्च 2022 तक गौतम अडानी ग्रुप की कंपनियों का कर्ज पिछले साल की तुलना में 42 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुका है। जानकारी के मुताबिक पिछले साल अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों पर कुल मिलाकर करीब 1.57 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था, लेकिन इस वर्ष अडानी के कर्ज में एक बार फिर एक बड़ा उछाल देखा गया है।

मोदी सरकार ने अडानी का किया 4.5 लाख करोड़ का कर्जा माफ, जबकि 2016 से हर दूसरे साल अडानी की संपत्ति हो रही दोगुनी

खास बात यह है कि 2.2 ट्रिलियन का कर्ज जहां मात्र अडानी की कंपनी के पास है, तो वहीं दूसरी ओर बड़ी खबर यह है कि भारत का कुल रिजर्व ही 4.7 ट्रिलियन रुपये का है। इसका सीधा मतलब यह हुआ है कि भारत के रिजर्व का लगभग आधा पैसा देश की एक कंपनी के हाथों में गया है। ऐसे में अगर अडानी भारत छोड़कर भाग गये तो देश सड़क पर आ जायेगा, जिसे संभालना मुश्किल ही नहीं असंभव हो जायेगा। यानी श्रीलंका से भी बदतर हालात हो जायेंगे हमारे देश के।

वित्त वर्ष 2021-22 में अडानी समूह की संयुक्त उधारी 40.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.21 लाख करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष में यह 1.57 लाख करोड़ रुपये था। द मॉर्निंग कॉन्टेक्स्ट के आंकड़ों के मुताबिक, समूह की कंपनियों में कर्ज में सबसे ज्यादा वृद्धि इसकी प्रमुख इकाई अडानी एंटरप्राइजेज में दर्ज की गई, जो साल-दर-साल 155 प्रतिशत बढ़कर 2021-22 में 41,024 करोड़ रुपये हो गई।

समूह की संस्थाओं में, अडानी पावर और अडानी विल्मर ने अपनी उधारी में कमी देखी। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान अडाणी पावर की उधारी 48,796 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले के 52,411 करोड़ रुपये की तुलना में 6.9 प्रतिशत कम है। आंकड़ों के अनुसार, अडानी विल्मर ने 2021-22 में अपनी उधारी में 12.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,568 करोड़ रुपये की गिरावट देखी, जो पिछले वित्त वर्ष में 2,950 करोड़ रुपये थी।

Debt on Adani-Ambani : भारत के दो सबसे बड़े उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी पर है भारी विदेशी कर्ज, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

वित्त वर्ष के दौरान अडानी ग्रीन एनर्जी की उधारी 118.6 प्रतिशत बढ़कर 52,188 करोड़ रुपये हो गई, जबकि 2020-21 में यह 23,874 करोड़ रुपये थी। अडानी पोर्ट्स और एसईजेड का कर्ज एक साल पहले के 34,401 करोड़ रुपये से 32.1 फीसदी बढ़कर 45,453 करोड़ रुपये हो गया। अडानी ट्रांसमिशन में पिछले वर्ष के 26,961 करोड़ रुपये की तुलना में 10.6 प्रतिशत बढ़कर 29,815 करोड़ रुपये हो गया, जबकि अडानी टोटल गैस की उधारी एक साल पहले के 488 करोड़ रुपये से 2021-22 में 103.9 प्रतिशत बढ़कर 995 करोड़ रुपये हो गई।

द मॉर्निंग कॉन्टेक्स्ट के आंकड़ों के अनुसार, समूह के लिए कुल उधारी वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 2,20,838 करोड़ रुपये थी, जो एक साल पहले 1,57,137 करोड़ रुपये के मुकाबले 40.5 प्रतिशत की छलांग थी।

मार्च के अंत में समूह का सकल ऋण-से-इक्विटी अनुपात 2.36 के चार साल के उच्च स्तर पर था, जो एक साल पहले 2.02 से अधिक और वित्त वर्ष 2019 के अंत में 1.98 के निचले स्तर पर था।

ADANI के बंदरगाह पर पकड़ी गई ड्रग्स की यह कोई पहली खेप नहीं, बल्कि ड्रग ट्रैफिकिंग का बड़ा अड्डा है मुंद्रा पोर्ट, जानिए कब क्या आया!

गौतम अडानी पिछले कुछ महीनों में विविधीकरण की होड़ में रहे हैं। उन्होंने हाल ही में होल्सिम से एसीसी और अंबुजा सीमेंट को 10.5 अरब डॉलर (करीब 80,800 करोड़ रुपये) में खरीदा है। वह एएमजी मीडिया नेटवर्क्स के साथ मीडिया व्यवसाय में भी प्रवेश कर रहे हैं।

यह सौदा अरबपति अदानी समूह को घरेलू सीमेंट क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा खिलाड़ी बना देगा और कंपनी के मौजूदा सीमेंट कारोबार - अडानी सीमेंटेशन लिमिटेड और अडानी सीमेंट लिमिटेड को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

ब्लूमबर्ग के बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, पहली पीढ़ी के उद्यमी गौतम अडानी, जिनकी कुल संपत्ति वर्तमान में 102 बिलियन डॉलर है, ने डेटा सेंटर, डिजिटल सेवाओं, सीमेंट और मीडिया जैसे नए क्षेत्रों में तेजी से विविधता लाई है। ऑस्ट्रेलिया में सबसे विवादास्पद कोयला खनन परियोजनाओं में से एक का अधिग्रहण करने के बाद, अडानी दीर्घकालिक ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत धुरी बना रहे हैं।

Next Story

विविध