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उत्तर प्रदेश

EXCLUSIVE: दलित महिला का VIDEO पोर्न साईट पर डाला, रिपोर्ट करने पर मिल रही है हत्या की धमकी, पति संग छुपकर जीने को मजबूर

Janjwar Desk
7 Oct 2020 12:44 PM GMT
EXCLUSIVE:  दलित महिला का VIDEO पोर्न साईट पर डाला, रिपोर्ट करने पर मिल रही है हत्या की धमकी, पति संग छुपकर जीने को मजबूर
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आरोपी ने पीड़ित महिला का पोर्न वीडियो देने की शर्त पर रेशमा को अपने साथ चलने को कहा, साथ ही धमकी दी कि यदि वह उसके साथ नहीं गई तो यह क्लिप पोर्न साईट पर डालकर बदनाम कर देगा...

मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार,लखनऊ। यूपी में सरकार का राज चल रहा है या माफियाओं का कभी समझना, कहना बेहद कठिन हो जाता है। उससे भी बेगैरत वाली स्थिति मित्र पुलिस की भी देखने सुनने को मिलती है, जिससे यह पुख्ता होता है कि गरीब व असहाय की सुनने वाला कोई नहीं है। मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला की वीडियो क्लिप अडिट करके पोर्न साईट पर डाल देने से जुड़ा है। जो प्रकाश में आया है। आरोप है कि घरवालों का एक पुराना जानकार है जिसने यह वीडियो बनाया। इस वीडियो के बाद महिला को ब्लैकमेल किया गया।

किराए पर रहकर भरण पोषण करने वाले दलित परिवार की महिला का वीडियो बनाकर उससे उसके पति को किसी मामले में फंसा देने की बाबत कहकर ग्रुप यानी सेक्स रैकेट गिरोह में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। महिला ने अपने पति से जब यह बात बताई तो पति ने इसका विरोध करते हुए कई जगह मौखिक व लिखित शिकायत की। पुलिस प्रशासन में शिकायत जाने के बाद धमकियों का सिलसिला थमने की बजाए बढ़ गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें व उनके पति को जान से मार देने का प्लान बनाया गया है। जिसके बाद से दोनो पति पत्नि छुपकर किसी अश्रात स्थान पर जिंदगी जीने को मजबूर हो चुके हैं।

महिला के पति ने जनज्वार से सम्पर्क किया तथा कई एक पुख्ता सबूत मुहैया करवाए जो भाजपा काल में माफियाराज और पुलिस की करतूतें खोलने के लिए ठीक-ठाक थे। दिलीप कुमार नामक सख्स जो लखनऊ के सरवरी अपार्टमेंट कैंट रोड थाना कैसरबाग लखनऊ मुहल्ले में पत्नी सहित रहते थे। दिलीप जिस मकान में रहते थे वहाँ एक किराएदार और भी रहता था। कुछ दिन बाद दिलीप को उसकी काली कारगुजारियों का अहसास हुआ तो उन्होने इस बात की जानकारी मकान मालिक को दी। अपने मकान मालिक को दिलीप द्वारा दी गई जानकारी उल्टी पड़ गई क्योंकि मकान मालिक उक्त किराएदार के चल रहे रैकेट में हिस्सेदार निकला।


मकान मालिक से की गई बात के बाद दिलीप की पत्नी एक दिन घर में अकेली थी। दिलीप की गैरमैजूदगी में उनका एक पूर्व जानकार कल्याणपुर लखनऊ निवासी मुंगेष शर्मा आता है। मुंगेष दिलीप के व्यवसाईक पार्टनर भी बताए जाते हैं जैसा कि पत्रों में बताया गया है। दिलीप की पत्नी ने मुंगेश को चाय लाकर दी। चाय रखकर वह नमकीन लेने चलीं गईं। वापस आकर जब वह चाय पीती हैं जिसके थोड़ी ही देर में उनका सिर दर्द होता है और वह अचेत अवस्था में पास पड़े दीवान में अधलेटी सी बैठ जाती हैं। जैसा की अप्लीकेशनो में दर्ज है।

इस दौरान जब दिलीप की पत्नी रेशमा (बदला हुआ नाम) होश में आती हैं तो उन्हें उनके कपड़े कुछ अस्त व्यस्त से लगते हैं। यह बात पत्नी ने पति से शेयर की। घटना के बाद भी मुंगेष का दिलीप के घर आना जाना होता रहा। इस घटनाक्रम के कुछ दिन बाद अक्टूबर 2017 में मुंगेष ने दिलीप की अनुपस्थिती में रेशमा को एक वीडियो दिखाया। वीडियो देखकर रेशमा की आंखें फटी की फटी रह गईं। इस वीडियो में वो ही दिख रहीं थीं। रेशमा ने मुंगेष शर्मा से पूछा कि यह सब कैसे हुआ और उनके पास कहाँ से आया? जिसके बाद शर्मा ने दिलीप की पत्नी रेशमा को धमकाया कि 'यह क्लिप कई लोगों के पास है और जैसा हम कहेंगे वैसा ही करना पड़ेगा तुमको।'

इस पूरे घटनाक्रम के बाद शर्मा ने यह वीडियो देने की शर्त में रेशमा को अपने साथ चलने को कहा, साथ ही धमकी दी कि यदि वह उसके साथ नहीं गई तो यह क्लिप पोर्न साईट पर डालकर तुझे बदनाम कर देगा। रेशमा उसके साथ घर से बाहर निकली और बाहर खड़ी गाड़ी यूपी-32 एचई 8548 में जाकर बैठ गईं। गाड़ी में एक आदमी पहले से ही बैठा था जिसने रेशमा के मुताबिक अपना नाम विवेक शुक्ला बताया। मुंगेष ने कहा की पूरी वीडियो इन्ही यानी विवेक शुक्ला के पास है। रेशमा ने वह वीडियो मांगा। जिसके बाद विवेक ने रेशमा के आगे शर्त रखी कि 'तुम अपने पति को फंसा दो तब तुम मेरे हाथ आओगी और यह वीडियो तुम्हें दे दी जाएगी। साथ ही विवेक ने खुद को एक बड़ा पावरफुल व्यक्ति भी बताया।'

रेशमा के इनकार करने पर उन्होने अंजाम भुगतने की धमकी दी। रेशमा ने उपने पति का हवाला देकर पुलिस से शिकायत करने की बात कही तो विवेक ने कहा कि 'तुम कुछ भी नहीं कर पाओगी। हम लोग चुटकियों में सही को गलत और गलत को सही करवा देते हैं।' मुंगेष ने रेशमा को अपना नम्बर दिया और कहा कि सोंच समझ लो फिर बताना, और पति घर पर ना हो तो हमें बुलाना। इतना कहकर दोनो चले गए। रेशमा ने शाम को अपने पति दिलीप से पूरी बात बताई। दिलीप ने भी मुंगेष शर्मा से बात की और वीडियो मांगा। दिलीप को जानकारी होने की खबर पाकर मुंगेष व विवेक ने इनका नम्बर अन्य लोगों में बांट दिया। जिससे इनके फोन पर अज्ञात नम्बरों से कॉल आने लगीं। दोनो पति पत्नी को लगातार धमकिया मिल रहीं थी कि वीडियो अश्लील साईट पर डाल दिया जाएगा।

इन धमकियों के मद्देनजर एक दिन जब दोनो ने कुछ साईटें खंगालीं तो उन्हें मई 2018 में GRBCH849 नम्बर का वीडियो मिला। जो अप्लीकेशन के मुताबिक सभी साईटों पर शेयर किया जा चुका है। दिलीप को हैरानी तब हुई जब उन्होने देखा कि यह वीडियो उसी फोन नम्बर (9695028835) से अपलोड किया गया है जिस नम्बर से विवेक शुक्ला उर्फ फारूक मलिक फोन करता है। दिलीप ने उक्त नम्बर मिलाया तो लगातार नम्बर काटा जाता रहा। थक हारकर दिलीप ने पुलिस की शरण ली। दिलीप कहते हैं कि 'यह सभी बाहुबली अपराधी हैं। यह लोग अपने सर्किल में हम लोगों के लिए कई तरह की भ्रांतियां फैलाकर बदनाम कर रहे हैं। साथ ही दिलीप ने कहा कि इन लोगों को पता चल चुका है कि इनके खिलाफ हमारे पास पर्याप्त सुबूत हैं इसलिए ये लोग हमारे परिवार को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।'

दिलीप इस मामले को लेकर पत्नी सहित महिला थाने पहुँचे। कहीं कोई सुनवाई ना होने के बाद दिलीप ने ऑनलाईन शिकायत की जिसका नम्बर IGRS-80015719000830 है। ऑनलाईन शिकायत से मिले आदेश के बाद महिला थाना में मुंगेष शर्मा, विवेक शुक्ला उर्फ फारूक मलिक, सुरेन्द्र सिंह व साधना सिंह के खिलाफ एफआईआर संख्या- 30/2019 की धारा 120 बी, 506, 3(1) द, एससी/एसटी एक्ट सहित 67 आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया गया। बाद में यह मुकदमा महिला थाने से थाना महानगर को स्थानांतरित कर दिया गया जो एफआईआर नम्बर 51/2019 दर्ज किया गया। दिलीप ने तमाम कोशिशें कि पत्र लिखे कि यह मामला आईटी एक्ट का है और महिला से सम्बंधित है इसे महिला थाने में स्थानांतरित किया जाए, बावजूद इसके उनकी एक ना सुनी गई। इसके बाद सुनवाई ना होने पर दिलीप ने थानाप्रभारी महानगर को पत्र लिखकर मामले की जांच सीबीसिआईडी अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने का मांग की।


पिड़ित दम्पति अब तक सीओ, एसएसपी, जनसुनवाई पोर्टल, पुलिस महानिदेशक, सीओ अलीगंज, सीओ महानगर, अपर पुलिस महानिदेशक, महिला आयोग, प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव समेत मुख्यमंत्री तक से शिकायत और न्याय कि गुहार लगा चुके हैं। लेकिन आश्वासन के अलावा न्याय मिलता आज तक नजर नहीं आया। और तो और कहीं से जांच आने के बाद उनसे जबरिया अप्लीकेशन पर साईन करवा लिया जाता है। फिर अपनी मर्जी से जांच लिखकर जवाब भी खुद ही बनाकर भेज देते हैं। स्थानिय चौकी इंचार्ज अभय प्रताप सिंह घर में जबरन घुसकर धमकाते हैं। कई बार इस बात की शिकायत आला पुलिस अधिकारियों से की गई। बावजूद इसके अभय प्रताप सिंह न्यू हैदराबाद चौकी में जमा हुआ है। उसके खिलाफ ना कोई जांच और ना ही अह तक कार्रवाई ही की गई है।

दिलीप का कहना है कि एक ही एफआईआर लखनऊ के दो-दो थानो में दर्ज है। उन्होने महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी जबकि थाना महानगर में पुलिस ने अपने आप ही एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला थाने में दर्ज शिकायत का नम्बर 30/2019 तो महानगर थाने में 51/2019 है। पीड़ित का आरोप है कि कुल मिलाकर यह पुलिसवाले जांच को हीलाहवाली कर लटका दना चाहते हैं। दिलीप ने यह भी आरोप लगाया है कि थाना महानगर में विवेक शुक्ला का एक कोई रिश्तेदार पुलिस वाला है, जिसके चलते कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ती की जा रही है। साथ ही गिरोह और रैकेट को बचाने के साथ अपने षड़यंत्र को छुपाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही दिलीप का कहना है कि हम पूरी तरह से टूट चुके हैं। बच्चे की पढ़ाई छूट रही है। धमकियों व डर दहशत की वजह से पति पत्नी बच्चे सहित किसी अज्ञात स्थान पर छुपकर जिंदगी काटने को मजबूर हैं।

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