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सवर्ण जाति की लड़की से प्यार की सजा, दलित लड़के को पहले पेशाब पिलाया फिर मार-मार के किया अधमरा

Prema Negi
24 May 2020 5:00 PM GMT
सवर्ण जाति की लड़की से प्यार की सजा, दलित लड़के को पहले पेशाब पिलाया फिर मार-मार के किया अधमरा
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पीड़ित के पिता ने बताया, उन्होंने मेरे बेटे को पकड़ लिया, उसकी जबरदस्ती कमीज उतरवा दी, उसे पीटा गया। फिर एक गर्म पत्थर पर लेटा दिया गया और उसे जातिसूचक गालियां दी गयीं। बाद में गंभीर हालत में मेरे बेटे को वहीं छोड़ दिया...

मनसा चेन्नाप्रगदा की रिपोर्ट

जनज्वार। दलित लड़के का अपने से ऊंची जाति की लड़की से प्रेम करने से दबंग परिजन इतने नाराज हुए कि युवक को पीट पीटकर अधमरा कर दिया। उसे एक गर्म पत्थर पर लिटा दिया गया। जब उसने पानी मांगा तो उसे पेशाब पीने पर मजबूर किया गया। पीड़ित ने अब 4 लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। यह घटना तेलंगाना के मंचेरियल जिले के एक गांव की है, जहां 17 मई को दलित लड़के के साथ यह ज्यादती की घटना हुई।

पुलिस के पास 18 मई को दर्ज करायी गयी अपनी शिकायत में 18 वर्षीय पीड़ित लड़के सतीश कुमार ने (बदला हुआ नाम) ने बताया कि वह दलित है और वह अपने से ऊंची जाति की लड़की से प्रेम करता है। वे दोनों शादी करने वाले थे। लड़की भी इसके लिए तैयार थी, लेकिन लड़की के परिजन इसके खिलाफ थे। पहले तो उसे धमकाया गया, इसके बाद भी जब वह शादी के इरादे से पीछे नहीं हटे तो उनकी यह हालत कर दी गयी।

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पीड़ित युवक के पिता खेत मजदूर हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा और लड़की दोनों दो साल से प्यार में थे। वह शादी करना चाहते थे। वे 16 मई को शाम को घर से भाग गये। वह पूरी रात एक मंदिर में रहे। अचानक बेटे के गायब होने से मैं भी परेशान हो गया था।

पीड़ित युवक के मुताबिक जब लड़की के परिजनों ने उसे पीटा तो उसके बाद उसने उनसे पीने के लिए पानी मांगा। पानी मांगने पर उसे जबरन पेशाब पिलाया गया।

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ड़के के पिता ने आगे बताया, 'वह अपने बेटे को खोज रहे थे। इसी बीच 17 मई को लड़की के परिवार वालों को उसके बेटे का पता चल गया। उन्होंने मेरे बेटे को पकड़ लिया, उसकी जबरदस्ती कमीज उतरवा दी, उसे पीटा गया। फिर एक गर्म पत्थर पर लेटा दिया गया और उसे जातिसूचक गालियां दी गयीं। बाद में गंभीर हालत में मेरे बेटे को वहीं छोड़ दिया।'

पीड़ित युवक के पिता ने बताया कि हमने जातिसूचक शब्द बोलने, दलित उत्पीड़न, एससी एसटी एक्ट के तहत पुलिस में शिकायत दी है।

स बीच आरोपी पक्ष ने भी लड़के के खिलाफ लड़की का अपहरण करने और रेप की कोशिश करने का मामला दर्ज करा दिया है। इस मामले की जांच एसीपी गोपति नरेंद्र कर रहे हैं। हमले के आरोपितों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।

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हीं लड़की के पिता का कहना है, मेरी बेटी 18 साल की है और इंटरमीडिएट की छात्रा है। सतीश मेरी बेटी को ब्लैकमेल कर रहा था। उसके पास मेरी बेटी की कुछ फोटो व मैसेज आदि थे। इसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर ही वह मेरी बेटी को घर से भगाकर ले गया था। उसने मेरी बेटी को एक मंदिर में रखा और वहां बेटी के साथ बलात्कार की कोशिश की। हमारे परिवार के लोग जब 17 मई की सुबह वहां गए तो उन्होंने गुस्से में दोनों को पीट दिया, लेकिन किसी ने युवक को पेशाब नहीं पिलाया। उन्होंने पीड़ित परिवार द्वारा लगाये गये सभी आरोपों को गलत बताया है।

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पुलिस ने बताया कि दोनों शिकायतों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। लड़के की ओर से एससी और एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत मामला आरोपी के खिलाफ दायर किया गया है, जबकि युवक के खिलाफ बलात्कार के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। युवक पर हमला करने के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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स मामले में सामाजिक कार्यकर्ता लुबना सारथ कहती हैं, हर दिन हम ऐसे कई मामले देखते हैं। इसमें से कुछ ही मामले पुलिस के पास जाते हैं। यहां ऑनर किलिंग के कई घटनाएं हुईं, लेकिन यह मामले पुलिस तक पहुंच ही नहीं पाते हैं। इस तरह की वारदातें तभी थम सकती हैं, जब कानून सख्ती से काम करे। यदि इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप होता रहेगा तो आरोपी बच कर निकलते रहेंगे, जिससे ऐसे मामलों को बढ़ावा ही मिलेगा।

स मामले में जब लड़की से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उसके माता-पिता ने उससे बात करने की अनुमति नहीं दी।

(मनसा चेन्नाप्रगदा की thelede में प्रकाशित इस रिपोर्ट को संपादित करके लिया गया है।)

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